बिहार : आठ लाख बैंक गारंटी पर नेपाल जायेगी शराब

ऑस्ट्रेलिया का है शराब कंटेनर, नेपाल जाने के लिए चाहिए रास्ता पटना : आस्ट्रेलिया से आये शराब लदे कंटेनर को बिहार के रास्ते नेपाल जाने के लिए पटना हाईकोर्ट ने नवादा के डीएम को निर्देश दिया है कि नेपाल शराब ले जा रहे कंटेनर को आठ लाख रुपये की बैंक गारंटी पर नेपाल जाने की […]

ऑस्ट्रेलिया का है शराब कंटेनर, नेपाल जाने के लिए चाहिए रास्ता
पटना : आस्ट्रेलिया से आये शराब लदे कंटेनर को बिहार के रास्ते नेपाल जाने के लिए पटना हाईकोर्ट ने नवादा के डीएम को निर्देश दिया है कि नेपाल शराब ले जा रहे कंटेनर को आठ लाख रुपये की बैंक गारंटी पर नेपाल जाने की अनुमति दें, ताकि शराब को सुरक्षित नेपाल पहुंचाया जा सके.
अदालत ने कहा कि शराब पहुंचाने के बाद वह गाड़ी नवादा के डीएम के संरक्षण में तब तक रहेगी जब तक अदालत उसे छोड़ने का निर्देश नहीं देता है. मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन और न्यायाधीश डॉ अनिल कुमार उपाध्याय की खंडपीठ ने मेसर्स ग्लोबल कंसर्न प्राइवेट लिमिटेड की ओर से दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया. इसके पूर्व अदालत ने इस मामले में राज्य सरकार और नवादा जिला प्रशासन से पूरे मामले में रिपोर्ट तलब किया था.
अदालत को याचिकाकर्ता द्वारा यह बताया गया की दूसरे देश या राज्य से जो भी शराब आती है उसका रूट बिहार होकर जाने का भी है. याचिकाकर्ता नेपाल की एक कंपनी है. इसकी एक गाड़ी ऑस्ट्रेलिया से एक कंटेनर शराब नवादा होते हुए नेपाल के काठमांडू जा रही थी. नवादा के काशीचक थाना क्षेत्र में मई 2017 को कस्टम विभाग द्वारा यह कह कर उसे जब्त कर लिया गया.
डीआईजी सेंट्रल रेंज से जवाब-तलब
पटना : उच्च न्यायालय ने सेंट्रल रेंज के डीआईजी से तीन सप्ताह में राज्य के ड्रग माफियाओं का संबंध दूसरे राज्यों का ड्रग माफियाओं से है या नहीं, इसका जवाब मांगा है. अदालत ने डीआईजी को निर्देश दिया वह इस संबंध में की गयी कार्रवाई का पूरा ब्योरा अदालत में अगली सुनवाई में शपथ पत्र के माध्यम से दें.
मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन और न्यायाधीश डॉ अनिल कुमार उपाध्याय की खंडपीठ ने इस संबंध में दायर लोकहित याचिका पर सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिये. सुनवाई के समय राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि इस मामले की जांच के लिए राज्य सरकार ने एसआईटी का गठन किया है. एसआईटी की टीम में पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक समेत अन्य कई पुलिस अधीक्षकों को भी शामिल किया गया है. एसआईटी द्वारा इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गयी है.
याचिकाकर्ता द्वारा अदालत को बताया गया कि राज्य सरकार ड्रग माफियाओं को बचा रही है. जांच करने के नाम पर कोर्ट को भी गुमराह किया जा रहा है. याचिकाकर्ता का कहना था ड्रग माफियाओं का संबंध अन्य राज्यों के ड्रग माफियाओंसे भी है.

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