बिहार : राहुल गांधी का कांग्रेस अध्यक्ष चुना जाना तय, नीतीश ने कह दी यह बड़ी बात

19 साल बाद कांग्रेस में बदलाव नयी दिल्ली : 19 साल बाद देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस में शीर्ष पद पर बदलाव की प्रक्रिया शुरू हुई. इसी कड़ी में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को पार्टी अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन पत्र भरा. नेहरू-गांधी परिवार के सदस्य 47 वर्षीय राहुल के बारे […]

19 साल बाद कांग्रेस में बदलाव
नयी दिल्ली : 19 साल बाद देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस में शीर्ष पद पर बदलाव की प्रक्रिया शुरू हुई. इसी कड़ी में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को पार्टी अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन पत्र भरा.
नेहरू-गांधी परिवार के सदस्य 47 वर्षीय राहुल के बारे में माना जा रहा है कि वह इस चुनाव में एकमात्र उम्मीदवार हैं. उनके द्वारा अपनी मां से पार्टी की कमान संभाले जाने के बारे में तस्वीर मंगलवार तक साफ होने की संभावना है. वैसे नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख 11 दिसंबर है. जरूरत पड़ने पर 16 दिसंबर को वोटिंग होगी. मतगणना 19 दिसंबर को होगी. इसे 2019 के आम चुनाव से पहले पार्टी में प्राण फूंकने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है.
नामांकन पत्र दाखिल करने की निर्धारित अवधि बीतने के बाद पार्टी के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के अध्यक्ष एम रामचंद्रन ने कहा कि अध्यक्ष पद के लिए कुल 89 नामांकन पत्रों के सेट दाखिल किये गये. इस सवाल का जवाब देने से मना किया कि क्या किसी अन्य उम्मीदवार के पक्ष में नामांकन पत्र भरा गया है. उन्होंने कहा कि नामांकन पत्रों की जांच के बाद मंगलवार को ही पता चल पायेगा कि कुल कितने उम्मीदवारों ने नामांकन भरे हैं.
राहुल का नाम प्रस्तावित करनेवालों में शामिल सोनिया गांधी नामांकन दाखिल करने वक्त उपस्थित नहीं थीं. पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने कहा कि राहुल कांग्रेस के पसंदीदा रहे हैं. कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी ने लंबे समय तक पार्टी की सेवा की है. यह उसी दिशा में एक और कदम है.
राहुल पार्टी की महान संभावनाओं को आगे बढ़ायेंगे. इससे पहले सोमवार की सुबह करीब साढ़े दस बजे राहुल कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे. करीब 11 बजे अपना नामांकन पत्र भरा. कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने उनकी ओर से नामांकन पत्रों के पांच सेट भरे. नामांकन पत्र के पहले सेट में उनके नाम का प्रस्ताव करनेवालों में सोनिया गांधी, मोतीलाल वोरा, अहमद पटेल, मोहसिना किदवई, कमलनाथ, अशोक गहलोत, मुकुल वासनिक, शीला दीक्षित, तरुण गोगोई व पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी शामिल हैं.
नामांकन पत्र के दूसरे सेट में मनमोहन सिंह, आस्कर फर्नाडिज, पी चिदंबरम, सुशील कुमार शिंदे, आनंद शर्मा, ज्योतिरादित्य सिंधिया, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, मेघालय के मुख्यमंत्री मुकुल संगमा ने राहुल के नाम का प्रस्ताव किया.
19 साल में भाजपा ने बदले आठ प्रेसिडेंट
कांग्रेस पार्टी 1998 के बाद अब जाकर अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष बदलेगी. इतने वक्त में भाजपा ने पूरे आठ अध्यक्ष देखे. कुशाभाऊ ठाकरे (1998-2000), बंगारू लक्ष्मण (2000-01), के जना कृष्ण मूर्ति (2001-02), वेंकैया नायडू, लालकृष्ण आडवाणी (2002 से 2004), राजनाथ सिंह (2005 से 2009 और 2013 से 2014), नितिन गडकरी (2010 से 2013). अमित शाह मौजूदा अध्यक्ष हैं.
पीएम का वार
औरंगजेब कांग्रेस को ही मुबारक, हमें नहीं चाहिए
अय्यर के बयान के बाद भाजपा ने हमला तेज कर दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राहुल की ताजपोशी को औरंगजेब राज करार दिया है. उन्होंने नाम लिए बगैर कहा कि कांग्रेस दिवालिया हो गयी है, क्योंकि वह एक ऐसे व्यक्ति को अध्यक्ष बनाने जा रही है, जो भ्रष्टाचार के केस में जमानत पर है.
मोदी ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा तो क्या कांग्रेस यह स्वीकार करती है कि वह एक परिवार की पार्टी है? लेकिन हमें औरंगजेब राज नहीं चाहिए. यह कांग्रेस पार्टी को ही मुबारक हो.
कांग्रेस में तय है टॉप लीडरशिप : नीतीश
पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को लोक संवाद कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से कहा कि कांग्रेस में टॉप लीडरशिप (एक नंंबर) का पद तय है. इस पार्टी की यही परंपरा और संस्कार है. हमारे दल के बारे में दूसरे दल भले ही सोचते हों, लेकिन हमलोग नहीं सोचते.
हमलोंगों ने कभी उनके मामले में हस्तक्षेप नहीं किया. इशारों में सीएम कहा कि उन्होंने हमारे एक नेता को इतना चढ़ाया कि सब कुछ सामने हैं. हमलोंगों के यहां चुनाव का सिस्टम है. मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस ने जदयू के अंदरूनी मामले में हस्तक्षेप कर उसे तोड़ने की कोशिश की, लेकिन जदयू ने कभी भी कांग्रेस के अंदरूनी मामले में हस्तक्षेप नहीं किया. विरोध करने वाले जानें.
हमारा संगठन मजबूत है. मुख्यमंत्री ने फिर दोहराया गुजरात चुनाव में बीजेपी की मजबूत जीत तय है. क्या गुजरात के लोगों को इस बात का गौरव नहीं है कि उनकी धरती के पुत्र प्रधानमंत्री हैं? मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने तो गुजरात में मुसलमान को आबादी के हिसाब से टिकट भी नहीं दिया है. मंच पर उनको जगह नहीं दी जा रही है. इतनी घबराहट क्यों है? जनेऊधारी और गैर जनेऊधारी हिंदू की बात हो रही है. देखिए, राजनीति कहां पहुंच गयी. यह क्या हो रहा है? अहमद पटेल कहीं दिख रहे हैं क्या? गुजरात के लोग बीजेपी से अलग वोट नहीं करेंगे. कांग्रेस डरी हुई है.
बॉक्स
लालू पर कसा तंज, कहा-लोगों ने पकड़ा मेरा हाथ, मैंने नहीं
मुख्यमंत्री ने लालू प्रसाद का नाम लिये बिना उन पर तंज कसा और कहा कि लोगों ने मेरा हाथ पकड़ा था. मैंने किसी का हाथ नहीं पकड़ा और जब पकड़ लिया तो परेेशान करने लगे थे और हाथ छुड़ाने की कोशिश करने लगे तो मैंने भी ऐसे हाथ को छोड़ दिया.

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