पटना : बिहार राज्य स्वास्थ्य संविदा कर्मी संघ के आह्वान पर आज पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य संविदा कर्मियों ने जिला मुख्यालयों पर एक दिवसीय धरना दिया. संघ के द्वारा सरकार से कुछ छह सूत्री मांग रखी गयी, जिसमें समान काम और समान वेतन, नियमितीकरण, एचआर पॉलिसी लागू करने, आकस्मिक मृत्यू भत्ता आदि के साथ और भी कई मांगे शामिल है.
ज्ञात हो कि राज्य भर में लगभग एक लाख राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मी स्वास्थ्य विभाग में विभिन्न पदों पर कार्यरत हैं. इन कर्मियों में जिला कार्यक्रम प्रबंधन, जिला लेखा प्रबंधक, स्वास्थ्य प्रबंधन, बीसीएम, आयूष चिकित्सक, एएनएम और आशा के साथ ममता शामिल हैं. जन स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए 2005 से कार्यरत इन कर्मियों का कहना है कि वे समर्पित होकर कार्य करते हैं, किंतु वे न्यूनतम मानदेय प्राप्त करते हैं तथा आर्थिक बदहाली से गुजर रहे हैं.
संघ के अध्यक्ष ललन कुमार सिंह यदि हमारी मांग सरकार नहीं मानती है, तो चार दिसंबर से प्रदेश के सभी स्वास्थ्य संविदा कर्मी अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जायेंगे. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मियों की कड़ी मेहनत का प्रतिफल है कि राज्य में मातृत्व मृत्यू दर, शिशु मृत्यू दर प्रजनन दर तथा कुपोषण में अपेक्षित गिरावट आयी है. संघ से जुड़े नेताओं ने मांग की कि संविदा नवीनीकरण के कोप से मुक्त करते हुए नियमितीकरण किया जाए. राज्य स्वास्थ समिति बिहार के गवर्निंग बॉडी में संघ के पद धारकों को भी सदस्य के रूप में नामित किया जाए. इस मौके पर भारी संख्या में आशा कार्यकर्ताओं और संविदा पर कार्यरत स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे.बिहार के सभी जिलों में इनके संघ द्वारा अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया गया.
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