लालू ने 2019 लोकसभा चुनाव में बिहार के रिजल्ट पर की यह भविष्यवाणी, जानें

पटना : बिहार में सरकारी बंगले और सृजन घोटाले को लेकर सियासत जारी है. इस दौरान जहां पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने सरकारी बंगले में रहने से इनकार कर दिया, वहीं दूसरी ओर राजद के उपाध्यक्ष और वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने सृजन घोटाले को लेकर बिहार सरकार और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को आड़े हाथों […]

पटना : बिहार में सरकारी बंगले और सृजन घोटाले को लेकर सियासत जारी है. इस दौरान जहां पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने सरकारी बंगले में रहने से इनकार कर दिया, वहीं दूसरी ओर राजद के उपाध्यक्ष और वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने सृजन घोटाले को लेकर बिहार सरकार और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को आड़े हाथों लिया है. उधर, बंगले की बात पर भड़कते हुए लालू यादव ने मीडिया से कहा कि उपमुख्यमंत्री कोई संवैधानिक पद नहीं है, लेकिन प्रतिपक्ष के नेता का पद संवैधानिक है. बावजूद इसके सरकार अपनी मनमानी कर रही है. उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को बंगले का मोह नहीं है. लालू यादव ने कहा कि बिहार में भाजपा इस बार 40 सीट का सपना देख रही है, जबकि भाजपा-नीतीश दोनों बिहार से इस बार साफ हो जायेंगे. लालू ने कहा कि चारा घोटाले को लेकर जिस तरह उनपर केस दर्ज हुआ, सृजन घोटाले को लेकर ठीक उसी तरह नीतीश कुमार पर मामला दर्ज होना चाहिए.

लालू ने इशारों-इशारों में भाजपा के कोर कमेटी की बैठक में लिए गये निर्णयों पर चुटकी लेते हुए भाजपा द्वारा बिहार की 40 लोकसभा सीटों पर नजर गड़ाने की बात पर साफ कहा कि इस बार बिहार की जनता दोनों को नीतीश कुमार और भाजपा को सबक सिखायेगी और दोनों का सुपड़ा साफ हो जायेगा. दोनों बिहार से इस बार साफ हो जायेंगे और इनका 40 सीट का सपना सपना ही रह जायेगा.राजद नेता और पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने कहा है कि नीतीश कुमार पूरी तरह झूठ बोल रहे हैं. वह सृजन घोटाले में बिल्कुल फंस चुके हैं. जनता के सामने वह सफाई दें और अगल शर्म है तो मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दें. शिवानंद ने कहा कि विपक्ष में होने के नाते हमलोग सरकार से सवाल पूछते रहेंगे. नीतीश सरकार को हर हाल में इस बात का जवाब देना होगा. कुछ लोगों को नीतीश कुमार से सवाल करना बुरा लगता है और कहते हैं कि नीतीश कुमार से सवाल ही मत कीजिए.

शिवानंद तिवारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि नीतीश कुमार सृजन घोटाले की जानकारी मिलने की तारीख आठ अगस्त बताते हैं, जबकि इस संबंध में 2013 में ही आर्थिक अपराध शाखा ने छापा मारा था. चारा घोटाले से भी बड़ा सृजन घोटाला है और अब नीतीश कुमार इससे बचने वाले नहीं हैं. शिवानंद ने मीडिया को बताया कि 2013 में इसे लेकर जब छापेमारी हुई, तक क्या नीतीश कुमार के अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं थी. इतना बड़ा तंत्र काम कर रहा है फिर भी नीतीश जी आपको घोटाले की जानकारी कैसे नहीं मिली आप झूठ बोलते हैं.

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