बिहार में भाजपा टूट के कगार पर : तेजस्वी यादव, गठबंधन सहयोगी भी गुटबाजी और तानाशाही से हैं परेशान

पटना : बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने बुधवार को ट्वीट कर कहा कि बिहार में भाजपा टूट के कगार पर है. भाजपा के सात-आठ सांसदों की राय अलग-अलग होती है. साथ ही कहा है कि इनके गठबंधन सहयोगी इनकी गुटबाजी और तानाशाही से अलग ही परेशान हैं. उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा […]

पटना : बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने बुधवार को ट्वीट कर कहा कि बिहार में भाजपा टूट के कगार पर है. भाजपा के सात-आठ सांसदों की राय अलग-अलग होती है. साथ ही कहा है कि इनके गठबंधन सहयोगी इनकी गुटबाजी और तानाशाही से अलग ही परेशान हैं. उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा है कि भाजपा कभी भी गठबंधन धर्म का पालन नहीं कर सकती. जम्मू से कन्याकुमारी तक देशभर के सभी सहयोगी घटक दल भाजपा की तानाशाही और मनमानी से त्रस्त हैं.

तेजस्वी यादव ने कहा है कि भाजपा सांसद नित्यानंद राय और सांसद अश्विनी चौबे हमेशा एक-दूसरे से अलग बोलते हैं. वहीं, उन्होंने कहा कि कीर्ति आजाद, शत्रुघ्न सिन्हा और भोला सिंह की भूमिका उन लोगों के विपरित होती हैं. बिहार भाजपा में गुटबाजी इतनी चरम पर है कि प्रतिस्पर्धावश खबरों में आने के लिए ये किसी पर भी, कहीं पर भी, कुछ भी अनर्गल आरोप लगा सकते हैं. उन्होंने हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के प्रमुख जीतनराम मांझी के एक बयान को कोट करते हुए कहा कि बिहार भाजपा में किसी की हैसियत नहीं जो गठबंधन पर मुंह खोले. ये सब फालतू में अपने स्वादानुसार नमक-मिर्च डाल कर रायता फैलाते हैं. साथ ही उन्होंने बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी को चुनौती देते हुए कहा है कि हिम्मत है तो मांझी जी की बात का खंडन करें और कहे कि गठबंधन पर बिहार भाजपा निर्णय लेगी और इस पर केंद्र का कोई लेना-देना नहीं है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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