संपतचक में 100 से ज्यादा कौवों की मौत, बर्ड फ्लू की आशंका से इलाके में दहशत

Patna News: पटना जिले के संपतचक इलाके में एक साथ बड़ी संख्या में कौवों की मौत ने लोगों को चौंका दिया है. बरुणा लक्ष्मीचक के एक बगीचे में सौ से अधिक कौवे मृत मिलने के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और लोग इसे बर्ड फ्लू से जोड़कर देख रहे हैं.

Patna News: पटना के करीब संपतचक इलाके में मंगलवार की सुबह एक बेहद खौफनाक मंजर देखने को मिला. प्रखंड की चिपुरा पंचायत स्थित बरुणा लक्ष्मीचक बगीचे में अचानक 100 से अधिक कौवे मृत पाए गए.

स्थानीय लोगों के मुताबिक, आसमान से पक्षी एक-एक कर जमीन पर गिरने लगे और देखते ही देखते बगीचे में बेजान पक्षियों का ढेर लग गया. इस घटना के बाद पूरे इलाके में ‘बर्ड फ्लू’ की आशंका को लेकर हड़कंप मच गया है.

सांस लेने के लिए तड़पते दिखे कौवे

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कौवों की मौत बहुत ही दर्दनाक तरीके से हो रही थी. जमीन पर गिरे हुए कई कौवे बुरी तरह तड़प रहे थे और उन्हें सांस लेने में भारी तकलीफ हो रही थी. बगीचे में खेल रहे बच्चों और स्थानीय ग्रामीणों ने जब यह नजारा देखा, तो तुरंत इसकी सूचना प्रशासन को दी.

लोगों का कहना है कि उन्होंने पहले कभी एक साथ इतने पक्षियों को इस तरह मरते नहीं देखा. घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रखंड पशु चिकित्सा विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को अपनी निगरानी में ले लिया.

लैब रिपोर्ट का इंतजार

प्रखंड पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुरेन्द्र मिश्रा ने बताया कि यह मामला किसी गंभीर संक्रमण का लग रहा है. टीम ने मृत कौवों के विसरा और खून के नमूने एकत्र कर लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए पटना स्थित विशेष लैब में भेजा गया है.

जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का पता चल पाएगा. हालांकि, ग्रामीण इलाकों में लोग इसे बर्ड फ्लू मानकर दहशत में हैं, क्योंकि इससे पहले मोकामा और पटना के अन्य हिस्सों में भी कौवों की ऐसी ही संदिग्ध मौत की खबरें आई थीं.

पक्षियों के शवों से रहें दूर

पशुपालन विभाग ने आम जनता के लिए तत्काल प्रभाव से ‘प्रोटोकॉल’ जारी कर दिया है. अधिकारियों ने अपील की है कि कोई भी व्यक्ति मृत कौवों या अन्य पक्षियों को न छुए और न ही उनके सीधे संपर्क में आए. यदि किसी के आंगन या घर के आसपास पक्षी मृत मिलता है, तो उसे खुद हटाने के बजाय तुरंत विभाग को सूचित करें.

विभाग यह भी जांच रहा है कि कहीं इन पक्षियों ने खेतों में डाला गया कोई जहरीला दाना तो नहीं खा लिया, जिससे यह सामूहिक मौत हुई है.

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लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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