पटना सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की साजिश? 4 दिन में तीसरी बार मिली धमकी

Patna Court Bomb Threat: क्या पटना सिविल कोर्ट किसी बड़ी साजिश के निशाने पर है? महज 4 दिनों के भीतर तीसरी बार मिली बम की धमकी ने बिहार पुलिस और खुफिया एजेंसियों की नींद उड़ा दी है.

Patna Court Bomb Threat: आज पटना सिविल कोर्ट को गुरुवार को बम से उड़ाने की नई धमकी मिली, जो बीते चार दिनों में तीसरी घटना है.

9 और 11 फरवरी के बाद 12 फरवरी को आए एक और ईमेल ने पुलिस और प्रशासन को सतर्क कर दिया. संदेश मिलते ही कोर्ट परिसर खाली कराया गया और सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुट गईं.

तीसरी धमकी से बढ़ी चिंता

पिछले चार दिनों में यह तीसरी बार है जब पटना सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली है. बार-बार मिल रही इन धमकियों से जजों, वकीलों और आम लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. साथ ही, न्यायिक कार्य भी प्रभावित हो रही है.

धमकी मिलते ही पीरबहोर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे परिसर को घेर लिया गया. बम डिस्पोजल स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड को बुलाकर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. कोर्ट परिसर में एंट्री पर फिलहाल रोक लगा दी गई है. आने-जाने वाले सभी रास्तों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

पूरी बिल्डिंग उड़ाने का दावा

11 फरवरी को आए एक ईमेल में दावा किया गया था कि कोर्ट परिसर में पांच बम लगाए गए हैं और पूरी बिल्डिंग को उड़ा दिया जाएगा. उस दिन भी पूरे परिसर को खाली कर तलाशी ली गई थी, लेकिन कुछ संदिग्ध नहीं मिला. इसके बावजूद लगातार मिल रही धमकियों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है.

टाउन डीएसपी राजेश रंजन ने बताया कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, सामान्य कामकाज शुरू करना जोखिम भरा होगा. सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. कोशिश है कि न्यायिक कार्य जल्द सामान्य हो, लेकिन फिलहाल सतर्कता ही प्राथमिकता है.

लगातार मिल रही धमकियों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर इन ईमेल के पीछे कौन है और मकसद क्या है. पुलिस साइबर एंगल से भी जांच कर रही है. राजधानी की सबसे महत्वपूर्ण न्यायिक इमारत पर बार-बार हो रहे इस खतरे ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे है.

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लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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