बिहार के विश्वविद्यालयों में चार साल के ग्रेजुएशन के लिए बनी ऑर्डिनेंस कमेटी, जानिए कैसे करेगी काम

बिहार के सभी पारंपरिक विश्वविद्यालयों में सीबीसीएस के तहत चार वर्षीय स्नातक डिग्री की पढ़ाई शुरू करने के लिए ऑर्डिनेंस कमेटी का गठन किया गया है. यह कमेटी स्नातक की पढ़ाई प्रारंभ करने के लिए रेग्यूलेशन तैयार करेगी.

बिहार के सभी पारंपरिक विश्वविद्यालयों में सीबीसीएस के तहत चार वर्षीय स्नातक डिग्री की पढ़ाई शुरू करने के लिए ऑर्डिनेंस कमेटी का गठन किया गया है. यह कमेटी स्नातक की पढ़ाई प्रारंभ करने के लिए रेग्यूलेशन तैयार करेगी. राजभवन ने इसके लिए बाकायदा परिपत्र अधिसूचना जारी कर दी है. इसके अलावा कुलाधिपति ने कोर्स स्ट्रक्चर तैयार करने के लिए भी कुलपतियों की समिति बना दी है. चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम सत्र 2023-24 से शुरू हो जायेगा.

कमेटी में ये लोग होंगे शामिल 

राजभवन की तरफ से चार सदस्यीय कुलपतियों की कमेटी प्रदेश के सभी पारंपरिक विश्वविद्यालयों के लिए यूनिफॉर्म एकेडमिक कैलेंडर / एग्जामिनेशन कैलेंडर तैयार करेगी. इस कमेटी की अध्यक्षता ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो सुरेंद्र प्रताप सिंह, पटना विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो गिरीश कुमार चौधरी, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो आरके सिंह और वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो शैलेंद्र कुमार चतुर्वेदी बतौर सदस्य शामिल किये गये हैं. इस कमेटी के समन्वयक विशेष कार्य पदाधिकारी (न्यायिक) बालेंद्र शुक्ला होंगे. इसमें बिहार उच्चतर शिक्षा परिषद के शैक्षणिक सलाहकार प्रो एनके अग्रवाल विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल रहेंगे.

कोर्स स्ट्रक्चर तैयार करने पांच कुलपतियों की कमेटी सात दिन के अंदर बनायेगी ड्राफ्ट

चार वर्षीय स्नातक कोर्स के लिए पहले दो सेमेस्टर के लिए कोर्स स्ट्रक्चर तैयार करने पांच कुलपतियों की समिति गठित की गयी है. ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो सुरेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में बनायी गयी इस समिति में पटना विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो गिरीश कुमार चौधरी, पाटलिपुत्र विवि के कुलपति प्रो आरके सिंह, नालंदा खुला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो केसी सिन्हा और वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो शैलेंद्र कुमार चतुर्वेदी शामिल किये गये हैं. कमेटी में समन्वयक के रूप में बिहार राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद के शैक्षणिक सलाहकार प्रो एन के अग्रवाल काम करेंगे. यह कमेटी पत्र निर्गत होने के सात दिन के अंदर बैठक करके राजभवन को अनुशंसा रिपोर्ट भेजेगी. प्रारंभ में दो सेमेस्टर के लिए पाठ्यक्रम 21 दिन के अंदर तैयार करने के लिए कहा गया है.

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विशेष तथ्य

  • ऐसे विषय जो किसी अन्य विश्वविद्यालयों में नहीं पढ़ाये जाते हैं, उनका पाठ्यक्रम संंबधित विश्वविद्यालय को खुद बनाना है.

  • पांरपरिक विषयों में अगर कोई विश्वविद्यालय अपने स्तर से सिलेबस बना कर जमा करना चाहें तो वह संबंधित कमेटी के सामने अपना प्रस्ताव रख सकता है.

  • कामेश्वर सिंह दरभंगा विश्वविद्यालय अपने स्तर से सिलेबस तैयार करके पंद्रह दिन के अंदर कमेटी को सौंपेगा.

  • सभी विश्वविद्यालय से स्मार्ट क्लास रूम और आइटी रेलेटेड सुविधाओं की सूचना दस दिन के अंदर मांगी गयी हैं.

  • पटना और पाटलिपुत्र विश्वविद्यालयों में चल रहे तीन वर्षीय स्नातक नामांकन प्रक्रिया रोकने के आदेश दिये हैं.

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By Prabhat khabar news desk

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