आदमखोर बाघ को देखते ही गोली मारने का आदेश, बगहा के जंगलों में अब कर चुका है 7 लोगों का शिकार

बिहार सरकार ने आखिरकार बगहा के जंगल आदमखोर बन चुके बाघ को देखती ही गोली मार देने का आदेश दे दिया है. पिछले एक माह में इस बाघ ने सात लोगों को मार डाला है. ग्रामीण आदमखोर बाघ की वजह से दहशत में हैं. बाघ को काबू में करने का हर प्रयास अब तक विफल रहा है.

पटना. बिहार सरकार ने आखिरकार बगहा के जंगल आदमखोर बन चुके बाघ को देखती ही गोली मार देने का आदेश दे दिया है. पिछले एक माह में इस बाघ ने सात लोगों को मार डाला है. ग्रामीण आदमखोर बाघ की वजह से दहशत में हैं. बाघ को काबू में करने का हर प्रयास अब तक विफल रहा है. वन विभाग की टीम पिछले कई दिनों से बाघ को बेहोशी का इंजेक्शन देकर बंधक बनाने का प्रयास कर रही है, लेकिन बाघ हर बार अपना ठिकाना बदल लेता है.

आदमखोर बाघ कर चुका है 7 लोगों का शिकार

इधर बारिश के कारण बाघ के पांव के निशान भी जमीन पर से घुल चुके हैं, ऐसे में वन विभाग की टीम भी बाघ के लोकेशन को नहीं भांप पा रही है. इधर लगातार दो दिनों से बाघ लोगों का शिकार कर रहा है. कल एक यवती को उठा ले गया तो आज एक युवक को मार डाला. पिछले एक माह में इस आदमखोर बाघ का यह 7वां शिकार था.

एनटीसीए ने दी बाघ को मारने की अनुमति 

बिहार के चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन प्रभात गुप्ता ने शुक्रवार को आदमखोर बाघ को देखते ही गोली मारने का आदेश दिया है. जानकारी के अनुसार बिहार सरकार के आवेदन पर नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (एनटीसीए) ने बाघ को गोली मारने की अनुमति दे दी है. WLW ने बाघ को मारने की अनुमति मिलने की जानकारी दी है.

लोगों ने खेतों की तरफ जाना भी छोड़ा

नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी से मिली इस अनुमति से लोगों ने राहम की सांसद ली है. बाल्मिकी टाईगर रिजर्व के आसपास बने ग्रामीणों में पिछले एक माह से इस आदमखोर बाघ को लेकर दहशत है. डर के कारण लोगों ने खेतों की तरफ जाना भी छोड़ दिया है. कोई अकेला घर से बाहर नहीं निकलता.

घर के आगे आग जलाकर रात गुजार रहे ग्रामीण

ग्रामीणों ने बताया कि घरों के सामने आग जलाकर रात गुजार रहे हैं, ताकि बाघ उनके घरों तक न पहुंच जाएं. ऐसे में काफी दिनों तक वन विभाग की ओर से बाघ को ट्रेंकुलाइज करने की कोशिश की गयी लेकिन सफलता नहीं मिली. अब नेशनल टाइगर कंजरवेशन अथॉरिटी द्वारा बाघ को मारने के आदेश दिए गए हैं. ग्रामीणों को बहुत जल्द अब बाघ के दहशत से राहत मिलेगी.

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By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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