Video: नियोजित शिक्षकों के खिले चेहरे, सुनहरे सपने अब होंगे साकार, परीक्षा देकर बनेंगे राज्यकर्मी

बिहार सरकार के कैबिनेट का फैसला आने के बाद नियोजित शिक्षकों ने पूजा-अर्चना कर मिठाईयां चढ़ायीं और खुशी का इजहार किया. नियोजित शिक्षकों ने बिहार सरकार का आभार जताया और फैसले पर खुशी जाहिर की. देखिए शिक्षकों ने क्या कहा...

गोपालगंज. नियोजित शिक्षकों को राज्य कर्मी का दर्जा देने के लिए कैबिनेट का फैसला आ गया है. मंगलवार की दोपहर कैबिनेट का फैसला आते ही नियोजित शिक्षकों में खुशी की लहर दौड़ गयी. गोपालगंज के 17 हजार से ज्यादा नियोजित शिक्षक हैं, जिन्हें राज्य कर्मी का लाभ मिलेगा. बिहार सरकार के कैबिनेट का फैसला आने के बाद नियोजित शिक्षकों ने जादोपुर रोड स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में हनुमान जी की पूजा-अर्चना कर मिठाईयां चढ़ायीं और खुशी का इजहार किया. नियोजित शिक्षकों ने बिहार सरकार का आभार जताया और फैसले पर खुशी जाहिर की.

नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा मिलने के बाद अब राज्य के सरकारी स्कूलों में चार तरह के शिक्षक होंगे. शिक्षकों की चौथी कैटेगरी विशिष्ट शिक्षक के रूप में मंगलवार को जुड़ गयी है. सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद राज्य में अब शिक्षकों की चार श्रेणियां हो गयी हैं. शिक्षकों की पहली श्रेणी में पुराने वेतनमान वाले सहायक शिक्षक, बीपीएससी से चयनित विद्यालय अध्यापक, नियोजित शिक्षक और चौथी श्रेणी विशिष्ट शिक्षकों की होगी.

दरअसल नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी के सदृश्य दर्जा देने वाला बिहार पहला राज्य बन गया है. बीपीएससी से चयनित विद्यालय अध्यापक और विशिष्ट शिक्षकों की सेवा शर्तें व वेतन करीब-करीब एक बराबर होगा. शेष कैटेगरी से इनमें काफी अंतर होगा. राज्य में नियेाजित शिक्षकों का दौर 2006 से चल रहा है. अब इस पर विराम लग सकता है.

Also Read: बिहार शिक्षक भर्ती में बड़ा खेल, एडमिट कार्ड और ज्वाइनिंग में अलग-अलग फोटो, फर्जी अध्यापकों पर FIR का आदेश

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >