बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने विपक्षी एकता को लेकर गुरुवार की दोपहर मातोश्री में उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) से मुलाकात की. उनके साथ डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव भी मौजूद थे. मुलाकात के बाद दोनों ने संयुक्त रुप से प्रेसवार्ता को संबोधित किया. इस दौरान नीतीश कुमार ने एकबार फिर से साफ किया कि वो केवल चाहते हैं कि अधिक से अधिक विपक्षी पार्टियां एक साथ आए. सभी पार्टियां केंद्र सरकार के खिलाफ एक मंच पर आएं. किसी में किसी तरह का कोई विवाद नहीं होना चाहिए. हमें देश को एकजूट करना है और आगे बढ़ाना है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इतिहास बदल रही है. नीतीश कुमार ने विपक्ष के चेहरे पर पूछे प्रश्न का जवाब देते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य सबको एकजूट करना है. लेकिन अपने लिए कुछ नहीं चाहिए.
गद्दारों की बात नहीं करते: ठाकरे
उद्धव ठाकरे ने कहा कि मेरी पार्टी जिन लोगों ने सबकुछ लिया और गद्दारी की मैं ऐसे लोगों के बारे में कुछ नहीं कहना चाहता हूं. उन्होंने शिंदे पर निशाना साधते हुए कहा कि नैतिकता के आधार पर उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए. हमारी लड़ाई इतने दिनों से चल रही थी. आज नीतीश जी आए और सु्प्रीम कोर्ट से हमारी लड़ाई का फैसला भी आ गया. इस देश में प्रजातंत्र और देश की रक्षा करना हमारा काम है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर मैंने इस्तीफा नहीं दिया होता तो फिर से सीएम बन जाता मगर हमारी लड़ाई जनता के लिए है. देश के लिए है. भले हमारा पहले विवाद होता रहा हो. मगर अब एक मत हो गया है.
सब मिलकर लड़ेंगे: उद्धव
उद्धव ठाकरे ने कहा कि हमे संविधान को बचाना है. देश को बचाना है इसलिए हम सब मिलकर लड़ेगें. जो हमारे देश को एक बार फिर से गुलाम बनाना चाहते हैं उनको मिलकर फिर एक बार घर भेजेंगें. मुझे उम्मीद है कि पूरी जनता हमारा इंतजार कर रही है.
