Success Story: (अनुराग प्रधान, पटना) बिहार के नवादा जिले के वारिसलीगंज निवासी आयुष भालोटिया ने देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET 2026 में शानदार प्रदर्शन किया है. उन्होंने 710 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक (AIR) 4 प्राप्त की है. आयुष पिछले दो वर्षों से एलन करियर इंस्टीट्यूट के रेगुलर क्लासरूम छात्र रहे हैं. उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ पूरे वारिसलीगंज में खुशी का माहौल है.
बचपन से था डॉक्टर बनने का सपना
आयुष बताते हैं कि उनका सपना बचपन से डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना था. इसी लक्ष्य को ध्यान में रखकर उन्होंने लगातार मेहनत की. उनका कहना है कि एलन में मिली नियमित पढ़ाई, सही मार्गदर्शन और टेस्ट सिस्टम ने उनके सपने को साकार करने में बड़ी भूमिका निभाई.
'डेली रिवीजन और मॉक टेस्ट ही मेरी सफलता की चाबी'
प्रभात खबर से बातचीत में अपनी सफलता का राज बताते हुए आयुष ने कहा कि नियमित रिवीजन, मॉक टेस्ट और हर टेस्ट के बाद अपनी गलतियों का विश्लेषण करना मेरी सफलता की सबसे बड़ी वजह रहा. गलतियों को सुधारते रहना ही बेहतर प्रदर्शन की कुंजी है.
उन्होंने कहा कि सिर्फ पढ़ाई करना ही काफी नहीं होता, बल्कि यह समझना भी जरूरी है कि कहां गलती हो रही है और उसे कैसे सुधारा जाए.
रोज 7 से 8 घंटे की सेल्फ स्टडी
क्लासरूम पढ़ाई के अलावा आयुष रोजाना 7 से 8 घंटे सेल्फ स्टडी करते थे. पढ़ाई के बीच मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए वे शतरंज (Chess) खेलते थे. उनका मानना है कि थोड़े समय का मनोरंजन पढ़ाई में फिर से ऊर्जा भर देता है.
भाई की गाइडेंस ने भी निभाई अहम भूमिका
आयुष अपनी सफलता का श्रेय अपने बड़े भाई अर्पित भालोटिया को भी देते हैं. अर्पित आईआईटी दिल्ली से पढ़ाई पूरी कर चुके हैं और फिलहाल अमेरिका में पीएचडी कर रहे हैं. आयुष के अनुसार, तैयारी के दौरान भाई की सलाह और मार्गदर्शन ने उन्हें सही दिशा में आगे बढ़ने में काफी मदद की.
परिवार बना सबसे बड़ी ताकत
आयुष के पिता सुनील कुमार भालोटिया सीमेंट और स्टील के व्यवसायी हैं. उन्होंने बेटे की पढ़ाई के लिए हर जरूरी सुविधा उपलब्ध कराई. वहीं, उनकी मां किरण देवी ने हर मुश्किल समय में उनका हौसला बढ़ाया. आयुष कहते हैं कि यह सफलता सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि पूरे परिवार और शिक्षकों की भी है.
मेंटल प्रेशर आया, लेकिन हार नहीं मानी
NEET जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी के दौरान कई बार मानसिक दबाव भी महसूस हुआ. आयुष बताते हैं कि ऐसे समय में परिवार और एलन की फैकल्टी ने उनका मनोबल बढ़ाया. इसी वजह से वे पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी तैयारी जारी रख सके.
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10वीं और 12वीं में भी रहे टॉपर
आयुष शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी रहे हैं.
- 10वीं: 96.2%
- 12वीं: 93.8%
अब उन्होंने NEET में देशभर में चौथा स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का एक और प्रमाण दिया है.
NEET की तैयारी करने वाले छात्रों को दी खास सलाह
आयुष का कहना है कि NEET की तैयारी करने वाले छात्रों को सबसे पहले NCERT पर मजबूत पकड़ बनानी चाहिए. उनके अनुसार, नियमित रिवीजन, मॉक टेस्ट को गंभीरता से देना और अपनी गलतियों से सीखना बेहद जरूरी है.
उन्होंने कहा कि धैर्य, अनुशासन और लगातार मेहनत ही किसी भी बड़े एग्जाम में सफलता की असली 'Key of Success' है.
