Nawada News : थाना क्षेत्र के दरमनियां बाजार स्थित एक निजी क्लीनिक में इलाज के दौरान 32 वर्षीय युवक की मौत का मामला सामने आया है. मृतक के परिजनों ने क्लीनिक संचालक पर गलत इलाज करने और इलाज के नाम पर मोटी रकम वसूलने का आरोप लगाया है. युवक की मौत के बाद सोमवार को परिजन शव लेकर दरमनियां बाजार पहुंचे और क्लीनिक के सामने गोविंदपुर-बरेव मुख्य मार्ग पर शव रखकर करीब आधे घंटे तक सड़क जाम कर दिया. इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई.
झारखंड निवासी युवक की इलाज के दौरान हुई मौत
मृतक की पहचान झारखंड के सतगावां थाना क्षेत्र के कटैया टोला निवासी शिवदानी राय के 32 वर्षीय पुत्र दिलीप कुमार के रूप में की गई है. परिजनों के अनुसार, दिलीप को बुखार की शिकायत थी. बीते सोमवार को उसे दरमनियां बाजार स्थित सरवन कुमार द्वारा संचालित निजी नर्सिंग होम में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था. परिजनों का आरोप है कि करीब पांच दिनों तक वहां इलाज चला. इस दौरान दिलीप की हालत लगातार बिगड़ती गई.
मलेरिया के बजाय डेंगू का इलाज करने का आरोप
मृतक के पिता शिवदानी राय, पत्नी नगीना देवी और बड़े भाई नागेश्वर ने आरोप लगाया कि दिलीप को मलेरिया था, लेकिन निजी क्लीनिक में उसका डेंगू का इलाज किया जा रहा था. परिजनों के अनुसार, पांच दिनों के इलाज के दौरान उनसे करीब 65 हजार रुपये लिए गए. परिजनों का आरोप है कि हालत गंभीर होने पर 14 अगस्त को उनकी सहमति के बिना दिलीप को नवादा भेज दिया गया, जहां इलाज के नाम पर करीब 24 हजार रुपये लिए गए. कुछ घंटे बाद चिकित्सकों ने उसे पटना रेफर कर दिया.
पटना में इलाज के दौरान हुई युवक की मौत
परिजनों के मुताबिक, पटना के जीवनदीप अस्पताल में भी दिलीप का इलाज कराया गया, जहां ब्लड उपलब्ध कराने के नाम पर करीब 45 हजार रुपये लिए गए. इसके बाद उसे पर्ल अस्पताल भेजा गया, लेकिन इलाज के दौरान सोमवार की सुबह उसकी मौत हो गई. युवक की मौत के बाद परिजन एंबुलेंस से शव लेकर गोविंदपुर पहुंचे और दरमनियां बाजार स्थित निजी क्लीनिक के समीप हंगामा करने लगे.
मौत की सूचना मिलते ही क्लीनिक बंद कर फरार होने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि युवक की मौत की जानकारी मिलते ही क्लीनिक संचालक सरवन कुमार क्लीनिक बंद कर फरार हो गया. इसके बाद परिजन मामले की शिकायत लेकर गोविंदपुर थाना पहुंचे. थानाध्यक्ष विजय कुमार ने बताया कि युवक की मौत पटना में हुई है. उन्होंने कहा कि मामले में पोस्टमार्टम के बाद ही आगे की कार्रवाई की जा सकती है. हालांकि, परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और शव को लेकर वापस क्लीनिक के सामने पहुंच गए.
शव रखकर गोविंदपुर-बरेव मुख्य मार्ग किया जाम
इसके बाद आक्रोशित परिजनों ने शव को गोविंदपुर-बरेव मुख्य मार्ग पर रखकर सड़क जाम कर दिया. करीब आधे घंटे तक सड़क जाम रहने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन प्रभावित रहा. सड़क जाम की सूचना मिलने पर प्रखंड विकास पदाधिकारी कुमार शैलेंद्र और थानाध्यक्ष विजय कुमार दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने मृतक के परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया.
आवेदन मिलने पर क्लीनिक और इलाज की होगी जांच
बीडीओ कुमार शैलेंद्र ने बताया कि युवक की मौत इलाज के दौरान हुई है. यह किसी आकस्मिक आपदा से संबंधित मामला नहीं है, इसलिए सरकारी स्तर पर मुआवजे का प्रावधान नहीं है. उन्होंने कहा कि परिजनों की ओर से आवेदन दिए जाने पर निजी क्लीनिक के संचालन और वहां किए गए इलाज की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों के समझाने के बाद परिजनों ने सड़क जाम समाप्त कर दिया, जिसके बाद मुख्य मार्ग पर वाहनों का आवागमन सामान्य हुआ.
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समझौता या एफआईआर को लेकर विचार कर रहे परिजन
इधर, मृतक के परिजन आगे की कार्रवाई को लेकर विचार-विमर्श कर रहे थे. परिजनों के अनुसार, वे निजी क्लीनिक संचालक के साथ समझौते की संभावना पर भी विचार कर रहे हैं. वहीं, बात नहीं बनने पर क्लीनिक संचालक के खिलाफ थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्णय लिया जा सकता है. हालांकि, इस संबंध में अंतिम निर्णय लिए जाने तक कोई लिखित शिकायत दर्ज कराए जाने की पुष्टि नहीं हो सकी थी.
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तीन छोटी बेटियों के सिर से उठा पिता का साया
दिलीप कुमार की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. मृतक की तीन छोटी बेटियां हैं. इनमें सबसे छोटी की उम्र करीब एक वर्ष, दूसरी की दो वर्ष और तीसरी की उम्र करीब चार वर्ष बताई गई है. पिता की मौत के बाद मासूम बच्चियों के सिर से पिता का साया उठ गया है. घटना के बाद पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है.
क्लीनिक के वैध संचालन की भी जांच की मांग
मामले में यह भी जांच का विषय है कि दरमनियां बाजार में संचालित उक्त निजी क्लीनिक को वैध रूप से संचालन की अनुमति प्राप्त है या नहीं. परिजनों के आरोपों और आवेदन मिलने के बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच होने पर ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
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