बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए क्षमतावर्धन जरूरी : प्राचार्य

बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए क्षमतावर्धन जरूरी : प्राचार्य

डायट नवादा में कार्यशाला शुरू

नवादा कार्यालय.

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान डायट में बुधवार को समावेशी शिक्षा विविधता का सम्मान और समर्थन विषय पर आधारित कार्यशाला की विधिवत शुरुआत की गयी. कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों में समावेशी शिक्षा की अवधारणा को सुदृढ़ करना तथा विविध आवश्यकताओं वाले बच्चों को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में क्षमता विकास करना है. कार्यशाला का उद्घाटन प्राचार्य फैयाज आलम, समन्वयक सह व्याख्याता डॉ नीतीश रंजन एवं मनोज कुमार ने किया. प्राचार्य ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों में समावेशी शिक्षा की अवधारणा को सुदृढ़ करना तथा विविध आवश्यकताओं वाले बच्चों को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में क्षमता विकास करना है.

डॉ. रंजन ने कहा कि समावेशी शिक्षा केवल एक शैक्षिक दृष्टिकोण नहीं है, बल्कि सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में एक सशक्त कदम है. मनोज कुमार के अनुसार, प्रत्येक बच्चे की व्यक्तिगत क्षमताओं, रुचियों और आवश्यकताओं का सम्मान करते हुए शिक्षा प्रदान करना आज की प्राथमिक आवश्यकता है. इस कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों को दिव्यांग, वंचित एवं विविध पृष्ठभूमि से आने वाले बच्चों के लिए अनुकूल शिक्षण रणनीतियों, कक्षा प्रबंधन, सहयोगात्मक प्रयास और व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जायेगा. साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आलोक में समावेशी शिक्षा की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा की जायेगी. डायट नवादा में यह कार्यशाला 28 जनवरी से शुरू होकर छह फरवरी तक चलेगी, जिसमें जिले के सभी प्रखंडों के शिक्षक भाग ले रहे हैं.

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By GAURI SHANKAR

GAURI SHANKAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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