बिहार टूरिज्म हेलीकॉप्टर बुकिंग के नाम पर ठगी, नवादा में फर्जी साइट बनाकर ठग रहे थे लाखों, दो गिरफ्तार

Nawada Fake Helicopter Booking Scam : बिहार में फर्जी हेलीकॉप्टर बुकिंग वेबसाइट बनाकर लोगों से लाखों की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, पटना पुलिस ने दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया.

Nawada Fake Helicopter Booking Scam : साइबर अपराध और सुरक्षा इकाई, बिहार ने एक बड़े अंतर्राज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है. यह गिरोह फर्जी बिहार टूरिज्म हेलीकॉप्टर बुकिंग वेबसाइट बनाकर सीधे तौर पर आम लोगों से लाखों रुपये की ऑनलाइन ठगी कर रहा था. पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

नालंदा और नवादा के रहने वाले हैं दोनों गिरफ्तार आरोपी

इस मामले में पुलिस ने नालंदा जिले के रहने वाले मुन्ना पासवान और नवादा जिले के वारसलीगंज थाना क्षेत्र स्थित मोहद्दीनपुर के निवासी मुकेश कुमार (पिता- रामशरण) को धर दबोचा है. आरोपियों की गिरफ्तारी से साइबर अपराधियों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है.

पटना साइबर थाना में दर्ज मामले की जांच में हुआ बड़ा खुलासा

पटना साइबर थाना कांड संख्या-959/26 के अनुसंधान के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इन आरोपियों ने 'bihartourest.com' नाम से एक पूरी तरह फर्जी वेबसाइट तैयार की थी. इस फर्जी वेबसाइट के जरिए वे बिहार सरकार की पर्यटन योजनाओं का खुलेआम दुरुपयोग कर रहे थे और राज्य में हेलीकॉप्टर सेवा शुरू होने का झूठा प्रचार फैला रहे थे.

पटना, राजगीर, नालंदा और बोधगया के नाम पर होती थी बुकिंग

आरोपियों द्वारा बनाई गई इस फर्जी वेबसाइट पर पटना, राजगीर, नालंदा और बोधगया जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों के लिए ऑनलाइन बुकिंग और भुगतान की सुविधा दी जा रही थी. इसके माध्यम से भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसाकर लगातार ठगी की जा रही थी.

तकनीकी जांच और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर हुई पहचान

साइबर सेल की तकनीकी जांच के दौरान डोमेन, आईपी एड्रेस, मोबाइल नंबर, ई-मेल, बैंक खातों और यूपीआई लेन-देन का बारीकी से विश्लेषण किया गया. इसी वैज्ञानिक और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर दोनों आरोपियों की सटीक पहचान की गई और उन्हें दबोचा गया.

पुलिस ने लैपटॉप, स्मार्टफोन और कई दस्तावेज किए बरामद

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से दो स्मार्टफोन्स, दो कीपैड मोबाइल फोन, एक आधुनिक लैपटॉप तथा ठगी से जुड़े हिसाब-किताब की एक डायरी बरामद की है. इसके अलावा साइबर अपराध इकाई ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इस फर्जी वेबसाइट को भी पूरी तरह निष्क्रिय करवा दिया है.

गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी पुलिस टीम

पुलिस ने यह स्पष्ट किया है कि इस ठग गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान करने के लिए आगे की जांच अभी भी तेजी से जारी है. पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं.

पुलिस की आम जनता से विशेष अपील और चेतावनी

इस घटना के बाद बिहार पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी सरकारी योजना या ऑनलाइन सेवा के नाम पर पैसे का भुगतान करने से पहले वेबसाइट की प्रामाणिकता और सुरक्षा की जांच जरूर कर लें. साथ ही, किसी भी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं.

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By Vishal kumar

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