Nawada News : वारिसलीगंज थाना क्षेत्र में साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई के बावजूद विभिन्न गांवों में ठगी का धंधा थमने का नाम नहीं ले रहा है. इसी कड़ी में गुरुवार को पुलिस ने झौर गांव और पैंगरी गांव में छापेमारी कर साइबर ठगी में संलिप्त आठ लोगों को गिरफ्तार किया. इनमें छह झौर गांव से और दो पैंगरी गांव से पकड़े गए. गिरफ्तार आरोपियों के पास से ठगी से जुड़े दस्तावेज, 13 एंड्रॉयड मोबाइल, एक कीपैड मोबाइल और पांच पन्नों का कस्टम डाटा बरामद किया गया.
गुप्त सूचना पर की गई छापेमारी
शुक्रवार को थाना परिसर में आयोजित प्रेसवार्ता में पकरीबरावां एसडीपीओ सुजय विद्यार्थी ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर स्थानीय पुलिस, स्वाट टीम और वज्र टीम ने संयुक्त कार्रवाई की. झौर गांव के पश्चिम स्थित बगीचे से महेंद्र मांझी का पुत्र प्रेमन कुमार, राजेंद्र मांझी का पुत्र विनोद मांझी, इंदल मांझी का पुत्र विश्वकर्मा मांझी तथा तीन नाबालिगों को गिरफ्तार किया गया.
पैंगरी में फाइनेंस कंपनियों के नाम पर कर रहे थे ठगी
इसके बाद थाना क्षेत्र के पैंगरी गांव स्थित सरकारी समरसेबल के पास से जयनंदन राम का पुत्र प्रेमचंद राम और अशोक गरांय का पुत्र प्रशांत कुमार को गिरफ्तार किया गया. पुलिस के अनुसार दोनों बजाज फाइनेंस, रिलायंस फाइनेंस सहित अन्य कंपनियों के नाम पर लोगों से साइबर ठगी कर रहे थे.
सादे कपड़ों में पहुंची पुलिस, कई आरोपी भाग निकले
एसडीपीओ ने बताया कि आरोपी ठगी में व्यस्त थे और सादे कपड़ों में पहुंचे पुलिसकर्मियों की मौजूदगी का उन्हें आभास नहीं हुआ, जिससे उन्हें मौके पर ही दबोच लिया गया. हालांकि कार्रवाई के दौरान कई अन्य साइबर अपराधी भागने में सफल रहे. उनकी पहचान कर गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है.
एसपी के निर्देश पर गठित हुई थी विशेष टीम
एसडीपीओ ने बताया कि पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान के निर्देश पर उनके नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया था. टीम ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की. गिरफ्तार सभी आरोपियों ने पूछताछ में साइबर ठगी में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है. बरामद मोबाइल और दस्तावेजों की जांच की जा रही है ताकि ठगी के नेटवर्क का पता लगाया जा सके. प्रेसवार्ता के दौरान थानाध्यक्ष पंकज कुमार सैनी सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे.
