Nawada News: बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'हर घर नल का जल' अकबरपुर प्रखंड की बरेव पंचायत में ग्रामीणों के लिए राहत के बजाय आफत बन गई है. पंचायत के गढ़ मोहल्ला मांझी टोला स्थित वार्ड संख्या 7, 8 और 9 में पिछले कई महीनों से नल-जल आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है. इसके अलावा वार्ड संख्या 10 एवं 11 के जोगी मोहल्ले में भी जलापूर्ति नियमित न होने से स्थानीय निवासी भीषण पेयजल संकट से जूझने को मजबूर हैं.
दूसरे मोहल्लों से पानी ढोने को मजबूर हैं ग्रामीण व महिलाएं
ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि योजना के संवेदक (ठेकेदार) और स्थानीय रखरखाव टीम की घोर लापरवाही के कारण उन्हें पानी की एक-एक बूंद के लिए तरसना पड़ रहा है. पीड़ित ग्रामीण विजय मांझी ने बताया कि पीने के पानी के लिए उन्हें दूर-दराज के दूसरे मोहल्लों के चक्कर काटने पड़ते हैं. वहीं फूल कुमारी, जीरा देवी और पुतुल देवी ने अपना दर्द साझा करते हुए कहा कि सुबह-शाम का अधिकांश समय पानी की व्यवस्था करने में ही बर्बाद हो जाता है, जिससे गृहस्थी के अन्य काम प्रभावित हो रहे हैं. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से संवेदक की कार्यप्रणाली की उच्चस्तरीय जांच कराने और जलापूर्ति अविलंब बहाल कराने की मांग की है.
जल्द जलापूर्ति शुरू कराने के निर्देश दिए गए हैं: सहायक अभियंता
पेजजल संकट के इस गंभीर मुद्दे पर पीएचईडी (PHED) के सहायक अभियंता सौरव गुप्ता ने बताया कि बरेव पंचायत के विभिन्न वार्डों में नल-जल योजना से पानी बाधित रहने की शिकायत मिली है. उन्होंने आश्वस्त किया कि संबंधित संवेदक को अविलंब तकनीकी कमियों को दूर कर जलापूर्ति बहाल करने का कड़ा निर्देश दिया गया है. जल्द ही ग्रामीणों को समस्या से निजात दिला दी जाएगी.
