रजौली के चटकरी में तालाब का दूषित पानी पीने को मजबूर ग्रामीण
NAWADA NEWS.रजौली प्रखंड की सुदूरवर्ती सवैयाटांड़ पंचायत में भीषण गर्मी के दस्तक देते ही पेयजल संकट गहरा गया है, जिससे हजारों ग्रामीणों का जीवन कठिन हो गया है.चटकरी, झलकडीहा, सिमरातरी और बाराटांड़ जैसे गांवों में सरकारी नल-जल योजना पूरी तरह से प्रभावित है.
रजौली से कुमार मनीष देव की रिपोर्ट
रजौली प्रखंड की सुदूरवर्ती सवैयाटांड़ पंचायत में भीषण गर्मी के दस्तक देते ही पेयजल संकट गहरा गया है, जिससे हजारों ग्रामीणों का जीवन कठिन हो गया है.चटकरी, झलकडीहा, सिमरातरी और बाराटांड़ जैसे गांवों में सरकारी नल-जल योजना पूरी तरह से प्रभावित है. पाइपलाइन बिछाने और जल मीनार बनने के बावजूद महीनों से पानी की आपूर्ति ठप पड़ी है.पंचायत के अधिकांश सार्वजनिक चापाकल भी रखरखाव के अभाव में खराब हो चुके हैं, जिसके कारण महिलाएं कई किलोमीटर पैदल चलकर तालाबों और चुआं का गंदा पानी लाने को मजबूर हैं.
विडंबना यह है कि नवादा के डीएम रवि प्रकाश की ओर से चापाकल मरम्मत दल को हरी झंडी दिखाए जाने के बावजूद अब तक चटकरी जैसे गांवों में कोई राहत नहीं पहुंची है. भौगोलिक विषमता ऐसी है कि मुख्यालय से मात्र 22 किलोमीटर की दूरी खराब सड़कों के कारण झारखंड के रास्ते लगभग 80 किलोमीटर में बदल जाती है, जिससे विकास योजनाएं समय पर गांवों तक नहीं पहुंच पातीं. ग्रामीण खुद को प्रशासनिक मुख्यधारा से कटा हुआ महसूस कर रहे हैं और दूषित जल के उपयोग से स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है.हालांकि, प्रखंड विकास पदाधिकारी संजीव झा ने पीएचइडी को त्वरित कार्रवाई के निर्देश देते हुए जल्द ही चापाकलों की मरम्मत कराने का आश्वासन दिया है, लेकिन धरातल पर समस्या का समाधान अभी भी लंबित है.