नवादा के दो दारोगा और दो जवान अपहरण व वसूली मामले में गिरफ्तार
जिला उत्पाद विभाग के अधिकारियों ने रची थी फिरौती की साजिश
जमुई पुलिस की बड़ी कार्रवाई, डेढ़ लाख रुपये और क्रेटा कार बरामद
प्रतिनिधि, नवादा सदर
जमुई में सामने आया कथित अपहरण और फिरौती वसूली का मामला नवादा उत्पाद विभाग के लिए गले की फांस बन गया है. पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि यह पूरा घटनाक्रम एक सुनियोजित साजिश थी, जिसमें नवादा उत्पाद विभाग के दो दारोगा और दो होमगार्ड जवान शामिल थे. जमुई पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर लिया है और वसूली गयी राशि भी बरामद कर ली है. जानकारी के अनुसार, विगत 23 अप्रैल की रात कौआकोल के महुलियाटांड़ में उत्पाद पुलिस ने संतोष कुमार और उसकी क्रेटा कार को पकड़ा था. आरोप है कि इसके बाद संतोष ने अपने भाई पिंटू को फोन कर पांच लाख रुपये लेकर नवादा बुलाया. पिंटू ने भाई के अपहरण की आशंका में जमुई थाने में शिकायत दर्ज करा दी. इधर, पकरीबरावां उत्पाद थाने के पास पिंटू से 1.50 लाख रुपये वसूले गये और संतोष को छोड़ दिया गया.
जांच में खुली पोल, दारोगा और जवान चढ़े हत्थे
जमुई पुलिस ने जब संदेह के आधार पर पकरीबरावां उत्पाद थाना पहुंचकर छानबीन की, तो पूरी साजिश बेनकाब हो गयी. पुलिस ने मौके से वसूली गयी 1.50 लाख की राशि और कार बरामद कर ली. गिरफ्तार आरोपितों की पहचान मुजफ्फरपुर निवासी दारोगा सुजीत कुमार, पटना निवासी दारोगा दिलीप कुमार, नवादा के मेघीपुर के होमगार्ड जवान रवींद्र कुमार और नारदीगंज के जफरा निवासी होमगार्ड जवान गुलशन कुमार के रूप में की गयी. इस बड़ी कार्रवाई के बाद नवादा और जमुई पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. हालांकि, इस मामले पर अभी तक उत्पाद विभाग या जमुई पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक सोशल मीडिया बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन गिरफ्तार कर्मियों से पूछताछ जारी है.
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