नवादा: रजौली चेकपोस्ट पर बिना ई-वे बिल के सीमेंट लदा ट्रैक्टर जब्त, वाणिज्य कर विभाग ने शुरू की कार्रवाई

बिहार-झारखंड सीमा पर रजौली चेकपोस्ट पर वाणिज्य कर विभाग ने बिना वैध ई-वे बिल के सीमेंट लदे एक ट्रैक्टर को जब्त किया है। इस कार्रवाई से सीमावर्ती इलाकों में अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।

Nawada News: बिहार-झारखंड सीमा पर स्थित समेकित जांच चौकी (एकीकृत चेकपोस्ट) रजौली पर वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. वाणिज्य कर विभाग की उप आयुक्त मीनी शाह के निर्देशानुसार विभाग की विशेष टीम ने सघन जांच अभियान के दौरान सीमेंट से लदे एक ट्रैक्टर को रोककर उसे अपने कब्जे में ले लिया है. इस औचक कार्रवाई से सीमावर्ती इलाके के अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है.

तिलैया से नवादा जा रहा था ट्रैक्टर

जांच टीम में विभाग की संगीता कुमारी व सुशील कुमार के साथ अन्य विभागीय अधिकारी मुख्य रूप से शामिल रहे. वाणिज्य कर उपायुक्त मीनी शाह के मुताबिक, यह वाहन बिना किसी वैध परिवहन कागजात और सरकार द्वारा अनिवार्य किए गए ई-वे बिल (E-way Bill) के बिना ही सीमेंट की खेप ले जा रहा था. विभागीय अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, सीमेंट से लदा यह ट्रैक्टर कोडरमा के तिलैया की ओर से आ रहा था और नवादा की तरफ जा रहा था.

जांच के दौरान नहीं मिले वैध कागजात

रजौली चेकपोस्ट पर तैनात वाणिज्य कर विभाग की टीम ने जब ट्रैक्टर को रोककर उसकी बारीकी से तलाशी ली और चालक से माल के परिवहन से जुड़े आवश्यक सरकारी दस्तावेज मांगे, तो वह मौके पर कोई भी वैध कागजात या ई-वे बिल प्रस्तुत नहीं कर सका. बिना किसी वैध दस्तावेज के इतनी बड़ी मात्रा में वाणिज्यिक सामग्री का परिवहन किए जाने के कारण वाहन को संदिग्ध माना गया और अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रैक्टर को डिटेन कर लिया.

होगा भौतिक सत्यापन, लगेगा भारी जुर्माना

पकड़े जाने के बाद विभागीय नियमों के तहत संबंधित अधिकारियों की देखरेख में सीमेंट की खेप का भौतिक सत्यापन (फिजिकल वेरिफिकेशन) कराया गया है. उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि नियमों के तहत फिलहाल गाड़ी को डिटेन कर संबंधित पक्षों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है. विभाग द्वारा उन्हें अपनी बेगुनाही और वैध कागजात प्रस्तुत करने का पूरा मौका दिया जाएगा.

बैक-डेटेड हेराफेरी संभव नहीं

अधिकारियों ने सख्त लहजे में कहा कि यदि संबंधित पक्ष निर्धारित अवधि के भीतर उचित और वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने में विफल रहते हैं, तो बिना ई-वे बिल के माल परिवहन करने के आरोप में वाहन और जब्त सामग्री पर नियमानुसार भारी जुर्माना लगाया जाएगा. उन्होंने यह भी साफ किया कि चूंकि ई-वे बिल पूरी तरह से डिजिटल, ऑनलाइन और समय-निर्धारित होता है, इसलिए इसमें बाद में किसी भी प्रकार का बैक-डेटेड फर्जीवाड़ा या तकनीकी हेराफेरी करना बिल्कुल भी संभव नहीं है.

अवैध कारोबारियों में मचा हड़कंप

वाणिज्य कर विभाग की इस कार्रवाई के बाद से बिहार-झारखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों में बिना वैध कागजातों के लोहे के एंगल, छड़, सीमेंट और ईंट आदि का अवैध परिवहन करने वाले सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है. स्थानीय प्रबुद्ध लोगों का मानना है कि यदि वाणिज्य कर (सेल टैक्स) विभाग के अधिकारियों द्वारा सीमा पर ऐसी ही नियमित और निष्पक्ष जांच जारी रखी जाए, तो सरकार को मिलने वाले राजस्व में भारी इजाफा होगा और कर चोरी पर पूरी तरह से लगाम लग सकेगी.


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By Kr manish dev

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