कटघरा गांव में आपदा के बाद भी यज्ञ को लेकर उत्साह बरकरार, दिन-रात डटी कमेटी तेज हवा और बारिश से चरमरायी बिजली व्यवस्था, देर रात बहाल हो सकी आपूर्ति सात दिनों तक गूंजेगा जयकारा, महंथ सत्यनारायण जी की देखरेख में अनुष्ठान जारी प्रतिनिधि, मेसकौर प्रखंड के सीतामढ़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत कटघरा गांव में देवी मंदिर प्राणप्रतिष्ठा को लेकर सात दिन तक चलने वाली शतचंडी यज्ञ सह भागवत कथा का कार्यक्रम रविवार से कलश स्थापना के साथ शुरू हो गया है. यज्ञ मंडप एवं पंडाल बनकर तैयार था, पर सोमवार देर शाम को आयी तेज आंधी-तूफान ने इसे क्षतिग्रस्त कर दिया. घटना के तुरंत बाद कमेटी के लोग सक्रिय हुए और यज्ञ मंडप एवं पंडाल को तेजी से दुरुस्त करने में जुट गये. यज्ञ कमेटी के सदस्य जोश, उत्साह और भक्ति के साथ दिन-रात स्थल पर डटे हुए हैं. विदित हो कि तीन मई को भव्य रूप से 1000 से अधिक माताओं-बहनों की कलश यात्रा निकाली गयी थी, जो तिलैया नदी से जल लेकर देवी मंदिर परिसर पहुंची थी. इस दौरान विभिन्न आकर्षक झांकियां, गीत-नृत्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये गये थे. सात दिनों तक सुबह-शाम आहुति होगी. भागवत महापुराण कथा में महंथ श्री सत्यनारायण जी महाराज की देखरेख, यज्ञाचार्य पं. किसलय कुमार मिश्र और कथावाचक श्री बैदेही शरण जी महाराज के मुखारविंद से भगवान की लीलाओं का गुणगान श्रवण करने का सौभाग्य प्राप्त होगा. बताते चलें कि सोमवार को उमस भरी गर्मी व तेज धूप रही, जिससे लोगों को काफी परेशानी हुई. देर शाम प्रखंड में तेज आंधी व बारिश से लोगों ने गर्मी से राहत की सांस ली. हालांकि, आंधी से बिजली व्यवस्था चरमरा गयी थी, जिसे देर रात बहाल किया जा सका. आपदा के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी है.
आंधी-तूफान से क्षतिग्रस्त हुआ शतचंडी यज्ञ का मंडप, मरम्मत में जुटे श्रद्धालु
सोमवार देर शाम को आयी तेज आंधी-तूफान ने इसे क्षतिग्रस्त कर दिया. घटना के तुरंत बाद कमेटी के लोग सक्रिय हुए और यज्ञ मंडप एवं पंडाल को तेजी से दुरुस्त करने में जुट गये.
