टीकाकरण अभियान में लापरवाही : सोते मिले डॉक्टर और एएनएम का एक दिन का वेतन कटा
रजौली अनुमंडलीय अस्पताल में सोमवार को चल रहे महत्वपूर्ण एचपीवी टीकाकरण अभियान के दौरान उस समय एक असहज स्थिति पैदा हो गयी, जब ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ संजय पासवान और एएनएम अनु कुमारी गहरी नींद में सोते पाये गये.
रजौली अस्पताल में ड्यूटी के दौरान सोते पकड़े गये स्वास्थ्यकर्मी, पीएचसी प्रभारी ने की सख्त कार्रवाई
टीकाकरण के लिए नहीं पहुंची कोई किशोरी, तर्क को खारिज कर विभाग ने माना अनुशासनहीनता
प्रतिनिधि, रजौली
सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ विभाग ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है. रजौली अनुमंडलीय अस्पताल में सोमवार को चल रहे महत्वपूर्ण एचपीवी टीकाकरण अभियान के दौरान उस समय एक असहज स्थिति पैदा हो गयी, जब ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ संजय पासवान और एएनएम अनु कुमारी गहरी नींद में सोते पाये गये. किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के लिए चलाये जा रहे इस विशेष अभियान में बरती गयी. इस सुस्ती ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिये हैं, जिसके बाद पीएचसी प्रभारी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों का एक दिन का वेतन काटने का आदेश जारी कर दिया है.
पीएचसी प्रभारी ने की कार्रवाई :
प्रखंड क्षेत्र में 14 से 15 वर्ष की किशोरियों को सुरक्षित करने के उद्देश्य से शुरू किये गये इस टीकाकरण कार्यक्रम की कमान संभाल रहे पीएचसी प्रभारी डॉ सौरभ कुमार निराला ने इस अनुशासनहीनता को गंभीरता से लिया है. हालांकि, सोते हुए पकड़े जाने पर संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों ने यह दलील दी कि टीकाकरण के लिए कोई किशोरी नहीं पहुंची थी, इसलिए वे आराम करने लगे, लेकिन विभाग ने इस तर्क को सिरे से खारिज कर दिया. विभाग का स्पष्ट कहना है कि रोस्टर के अनुसार ओपीडी समय में किशोरियों को जागरूक कर उन्हें टीका लगाना इन कर्मियों की प्राथमिक जिम्मेदारी थी. इस कार्रवाई ने अस्पताल के अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के बीच भी यह कड़ा संदेश साझा किया है कि महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मिशनों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति होने पर इससे भी कठोर अनुशासनात्मक कदम उठाये जा सकते हैं.