Nawada Engineering College Startup Workshop : नवादा में इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्रों को स्टार्टअप की दुनिया से जोड़ने और उन्हें उद्यमिता की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. स्टार्टअप सेल की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में जिला उद्योग केंद्र, कैमूर का सहयोग रहा. कार्यशाला का मुख्य विषय पिच डेक प्रिपरेशन रहा, जिसमें छात्रों को अपने स्टार्टअप आइडिया को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने की बारीकियां सिखाई गईं.
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक तरीके से दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई. इस मौके पर जिला उद्योग केंद्र, नवादा के परियोजना प्रबंधक सुजात कुमार, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ रोशन कुमार और स्टार्टअप सेल के संकाय प्रभारी प्रो शुभेंदु अमित ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम का उद्घाटन किया.
स्टार्टअप संस्कृति और सरकारी नीतियों की दी जानकारी
कार्यशाला के शुरुआती सत्र में स्टार्टअप सेल के संकाय प्रभारी प्रो शुभेंदु अमित ने छात्रों को बिहार स्टार्टअप पॉलिसी 2022 के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने महाविद्यालय में चल रही स्टार्टअप सेल की गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि यह मंच छात्रों को अपने नए विचारों को आकार देने और उन्हें आगे बढ़ाने का अवसर देता है.
उन्होंने उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग की जरूरत पर जोर देते हुए बताया कि कैसे सही मार्गदर्शन और संसाधनों के जरिए छात्र अपने आइडिया को सफल स्टार्टअप में बदल सकते हैं. इस दौरान छात्रों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और स्टार्टअप के लिए उपलब्ध सहयोग के बारे में भी बताया गया.
रोजगार खोजने नहीं, रोजगार देने की सोच विकसित करें
प्राचार्य डॉ रोशन कुमार ने अपने संबोधन में छात्रों को पारंपरिक सोच से आगे बढ़ने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि आज का समय नवाचार और उद्यमिता का है, ऐसे में छात्रों को नौकरी ढूंढने के बजाय रोजगार सृजन की दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए.
उन्होंने यह भी कहा कि स्टार्टअप देश की आर्थिक मजबूती का एक बड़ा आधार बन चुके हैं और कॉलेज छात्रों को इस दिशा में हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है.
पिच डेक प्रिपरेशन पर दिया गया तकनीकी प्रशिक्षण
कार्यशाला के तकनीकी सत्र में परियोजना प्रबंधक सुजात कुमार ने पिच डेक प्रिपरेशन पर विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि एक प्रभावी पिच डेक में किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, किस तरह की स्लाइड्स शामिल करनी चाहिए और निवेशकों के सामने प्रस्तुति देते समय किन बातों से बचना चाहिए.
लाइव डेमो के माध्यम से उन्होंने छात्रों को यह भी समझाया कि किस तरह अपने विचार को सरल और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया जाए ताकि निवेशकों का ध्यान खींचा जा सके. इस दौरान छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और कई सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञ ने विस्तार से जवाब दिया.
डिजिटल टूल्स और स्टार्टअप नेटवर्क से जुड़ने पर जोर
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में प्रो शुभेंदु अमित ने डिजिटल भुगतान उपकरणों, वित्तीय लाभों और स्टार्टअप्स के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी. उन्होंने छात्रों को राष्ट्रीय स्तर के स्टार्टअप नेटवर्क से जुड़ने के लिए प्रेरित किया, ताकि उन्हें बेहतर अवसर मिल सकें.
इस कार्यशाला में कॉलेज के विभिन्न विभागों के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे. सभी ने इस पहल को काफी उपयोगी बताया और कहा कि इस तरह के कार्यक्रम छात्रों को आगे बढ़ने की दिशा दिखाते हैं.
