Nawada News: वारिसलीगंज के प्रतिष्ठित संत जॉन्स पब्लिक स्कूल में गुरुवार को "मोबाइल एडिक्शन: एक वरदान या अभिशाप" विषय पर एक शानदार वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं को आज के डिजिटल युग में मोबाइल के सही व संतुलित उपयोग के प्रति जागरूक करना और उनमें तार्किक सोच का विकास करना था. कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ विद्यालय के प्रबंधक बिपिन कुमार द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया.
पक्ष और विपक्ष में छात्रों ने रखे मजबूत तर्क
प्रतियोगिता के दौरान छात्र-छात्राओं ने 'मोबाइल एडिक्शन' (मोबाइल की लत) के सामाजिक, मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य संबंधी गंभीर पहलुओं पर अपने विचार बेहद सरल और प्रभावी शैली में प्रस्तुत किए. प्रतिभागी विद्यार्थियों ने मोबाइल के अंधाधुंध इस्तेमाल से होने वाले नुकसान और इसके सही इस्तेमाल से मिलने वाले फायदों को लेकर वैज्ञानिक डेटा और ठोस तर्कों के माध्यम से अपनी बात रखी. बच्चों की इस वाकपटुता और तार्किक क्षमता को वहां उपस्थित शिक्षकों और निर्णायक मंडल ने खूब सराहा.
तकनीक का इस्तेमाल हम करें, तकनीक हमारा नहीं: प्राचार्य
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य संतोष कुमार ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए एक बेहद महत्वपूर्ण बात कही. उन्होंने कहा, "आज का युग निश्चित रूप से तकनीक का युग है, लेकिन हमें यह हमेशा याद रखना चाहिए कि तकनीक का इस्तेमाल हमें अपनी सुविधा के लिए करना है, न कि तकनीक को खुद पर इस कदर हावी होने देना है कि वह हमारा इस्तेमाल करने लगे." उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की रचनात्मक प्रतियोगिताओं से छात्रों के भीतर छिपे आत्मविश्वास को बल मिलता है और उनकी अभिव्यक्ति की शक्ति मजबूत होती है.
