Nawada News: नवादा जिले में उच्च शिक्षा के विकास और प्रसार में सीताराम साहू जी का जीवन अत्यंत अनुकरणीय और समर्पित रहा. उन्होंने जिले में उच्च शिक्षा की अलख जगाने और युवाओं को बेहतर अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से 'सीताराम साहू कॉलेज' की मजबूत नींव रखी. उन्होंने न केवल आर्थिक सहयोग दिया, बल्कि कॉलेज के विकास के लिए जीवनभर समर्पित भाव से काम किया.
यह बातें गुरुवार को कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अरुण कुमार बोस के नेतृत्व में आयोजित किए गए भव्य जयंती समारोह के दौरान कही गईं.
प्रतिमा पर किया माल्यार्पण
नवादा के सीताराम साहू कॉलेज परिसर में आयोजित किए गए इस जयंती समारोह की शुरुआत उपस्थित लोगों ने उनकी आदमकद प्रतिमा पर श्रद्धापूर्वक माल्यार्पण व पुष्प अर्पित करके की. इसके बाद प्राचार्य प्रो. अरुण कुमार बोस के नेतृत्व में सभी प्राध्यापकों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी.
संस्थान के हित में किया आजीवन कार्य
कार्यक्रम के दूसरे चरण में सीताराम साहू जी के प्रेरक व्यक्तित्व व शिक्षा के क्षेत्र में उनके ऐतिहासिक कृतित्व पर विस्तृत चर्चा की गई. वक्ताओं ने बताया कि देश की आजादी से ठीक पहले 16 जुलाई 1946 को जन्मे सीताराम साहू जी ने अपने जीवन काल में नवादा के इस प्रसिद्ध कॉलेज की स्थापना के लिए अपनी बहुमूल्य जमीन और अन्य महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई थी. उनकी इसी दूरगामी सोच का परिणाम है कि आज इस कॉलेज से शिक्षा प्राप्त कर विद्यार्थी देश के विभिन्न उच्च पदों और क्षेत्रों में अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दे रहे हैं. वे 14 अक्टूबर 2011 को अपने निधन तक निरंतर इस शिक्षण संस्थान के हित और प्रगति के लिए कार्य करते रहे.
जयंती समारोह में ये रहे उपस्थित
कॉलेज परिसर में आयोजित इस गरिमामयी जयंती समारोह में मुख्य रूप से प्रो. अमरकांत कुमार, प्रो. सुनील कुमार गुप्ता, प्रो. ओम प्रकाश गुप्ता, प्रो. मोतीलाल साह, प्रो. बाबूलाल गुप्ता, प्रो. महेंद्र सिंह सहित भारी संख्या में अन्य प्राध्यापक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे. सभी ने संकल्प लिया कि वे साहू जी के दिखाए मार्ग पर चलकर संस्थान को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे.
