गोविंदपुर में गैस किल्लत : रातभर लाइन में लगने के बाद भी खाली हाथ लौट रहे उपभोक्ता

इंडेन गैस गोदाम पर सिलिंडर के लिए मची हाहाकार, पुलिस के हस्तक्षेप के बाद हटा जाम

प्रदर्शन.

धनपुरी गोदाम पर उपभोक्ताओं का फूटा गुस्सा, सड़क जाम कर एजेंसी के खिलाफ जतायी नाराजगी

इंडेन गैस गोदाम पर सिलिंडर के लिए मची हाहाकार, पुलिस के हस्तक्षेप के बाद हटा जाम

बीडीओ बोले- लिखित शिकायत मिली, तो जांच के बाद गैस एजेंसी का लाइसेंस रद्द करने की होगी अनुशंसा

प्रतिनिधि, गोविंदपुर

गोविंदपुर में घरेलू गैस की किल्लत दूर होने का नाम नहीं ले रही है. आये दिन उपभोक्ताओं को गैस सिलिंडर लेने के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. गोविंदपुर-बरेव मुख्य मार्ग स्थित धनपुरी के समीप इंडेन गैस गोदाम पर सिलिंडर लेने के लिए लोगों की लंबी-लंबी कतारें रात से ही लग जाती हैं, लेकिन सुबह होते ही उपभोक्ताओं को यह कहकर लौटा दिया जाता है कि गैस उपलब्ध नहीं है. जानकारी के अभाव में लोग पूरी रात लाइन में खड़े रहते हैं और सुबह निराश होकर वापस लौट जाते हैं. कई उपभोक्ता भाड़ा खर्च कर दूर-दराज गांवों से गैस गोदाम तक पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है. लोगों का आरोप है कि गैस एजेंसी कार्यालय पहुंचने पर कर्मियों द्वारा दो दिन बाद गैस मिलने की बात कही जाती है, लेकिन निर्धारित तिथि पर गोदाम पहुंचने के बाद भी गैस नहीं मिलती.

आक्रोशित लोगों ने किया सड़क जाम :

मंगलवार को भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला. सोमवार रात से ही बड़ी संख्या में लोग गैस लेने के लिए कतार में खड़े थे, लेकिन मंगलवार सुबह गैस नहीं मिलने की सूचना मिलते ही लोगों का सब्र टूट गया और आक्रोशित उपभोक्ताओं ने सड़क जाम कर दिया. सड़क जाम होने से मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गयी और यातायात प्रभावित हो गया. सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और लोगों को समझा-बुझाकर जाम हटवाया. लोगों का आरोप था कि एजेंसी के कर्मियों ने अपने मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर रखे हैं.

उपभोक्ताओं के भाड़े में खर्च हो रहे रुपये

उपभोक्ता जानकी देवी ने बताया कि पिछले 15 दिनों से उन्हें गैस नहीं मिल रही है. गोदाम आने-जाने में करीब 1500 रुपये भाड़ा खर्च हो चुका है. राजू कुमार ने बताया कि वह पिछले एक महीने से गैस के लिए चक्कर काट रहे हैं. कांति देवी ने बताया कि वह 15 किलोमीटर दूरी तय कर गैस लेने आती हैं, लेकिन सिर्फ दौड़ाया जा रहा है. वहीं, अमित कुमार ने बताया कि डीएसी नंबर रहने के बावजूद उन्हें गैस नहीं दिया जा रहा है. टालमटोल के कारण डीएसी की अवधि समाप्त हो जाती है और दोबारा बुकिंग करानी पड़ती है.

जांच के बाद रद्द हो सकता है लाइसेंस

इस मामले को लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी कुमार शैलेंद्र ने बताया कि गैस किल्लत और उपभोक्ताओं की परेशानी का मामला संज्ञान में आया है. उन्होंने कहा कि यदि कनेक्शनधारियों द्वारा लिखित आवेदन दिया जाता है, तो प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी से जांच करायी जायेगी. जांच रिपोर्ट में अनियमितता पाये जाने पर जिला पदाधिकारी को गैस एजेंसी का लाइसेंस रद्द करने के लिए अनुशंसा भेजी जायेगी. लगातार बढ़ रही गैस समस्या से उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी देखी जा रही है.

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Published by: Javed najaf

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