Bihar News: नवादा जिले के रजौली और गोविंदपुर इलाके में पिछले करीब दो महीनों से जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है. झुंड से बिछड़े हाथियों ने कई गांवों में जमकर तबाही मचाई है. अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई घर, फसलें और मवेशी भी नुकसान का शिकार हुए हैं. लगातार हो रही घटनाओं के बाद ग्रामीणों में डर और गुस्सा दोनों बढ़ गया है.
दूध दुहने गए युवक को हाथी ने कुचला
25 मार्च को रजौली थाना क्षेत्र के सुअरलेटी गांव में हाथी ने 30 वर्षीय सनोज भुइयां को कुचलकर मार डाला. वह देर रात भैंस का दूध दुहने जा रहे थे. इसी दौरान हाथी ने उन पर हमला कर दिया. घटना में एक दुधारू भैंस की भी मौत हो गई.
ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में कई दिनों से हाथी घूम रहा था, लेकिन वन विभाग ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया. सनोज अपने पीछे पत्नी और चार छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं.
बिहार-झारखंड सीमा पर बढ़ा खतरा
रजौली और कोडरमा के सीमावर्ती इलाकों में हाथियों का आतंक लगातार बढ़ रहा है. 26 मार्च को कोडरमा के मरियमपुर में हाथी ने मुनिया बिरहोर नाम की महिला को कुचलकर मार डाला, जबकि उसकी बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई.
इसी दिन बोनाकाली गांव में स्कूल परिसर में सो रहे देवघर निवासी बालेश्वर सोरेन की भी हाथी ने जान ले ली. इससे पहले 8 अप्रैल को गोविंदपुर के बहिरा डीह में 61 वर्षीय मुन्ना देवी की मौत हाथी के हमले में हो गई थी. वहीं 2 मई को आनंद नगर में 58 वर्षीय बच्चू राम को भी हाथी ने कुचलकर मार डाला. 11 मई को कौआकोल थाना क्षेत्र के बिंदिचक गांव के टोला आजादनगर निवासी लखन पासवान के 55 वर्षीय पुत्र राजाराम पासवान को जंगली हांथी ने कुचल कर मार डाला है. ग्रामीणों ने विरोध में कौआकोल- रोह मुख्य पथ को जाम कर दिया.
घर, दुकान और फसलें भी बर्बाद
हाथियों ने कई गांवों में घरों के दरवाजे तोड़ दिए और खेतों में लगी फसलें बर्बाद कर दीं. गोविंदपुर और हरदिया इलाके में गेहूं, लहसुन और केले की खेती को भारी नुकसान पहुंचा है. कई दुकानों में रखा अनाज भी हाथियों ने नष्ट कर दिया. 10 मई को विशुनपुर गांव में हाथी ने सकलदेव यादव के घर का दरवाजा तोड़ दिया और ड्रम में रखा करीब चार मन गेहूं खा गया.
वन विभाग पर लापरवाही के आरोप
ग्रामीण लगातार वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं. लोगों का कहना है कि हाथियों की मौजूदगी की सूचना पहले से थी, लेकिन विभाग सिर्फ माइकिंग और सामान्य कोशिशों तक सीमित रहा. हालांकि डीएफओ श्रेष्ठ कुमार कृष्ण का कहना है कि वन विभाग लगातार निगरानी कर रहा है और हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास किया जा रहा है.
दहशत में गांव वाले, रातभर जाग रहे लोग
लगातार हो रहे हमलों के कारण ग्रामीण अब रातभर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं. कई गांवों में लोग पटाखे, आग और ढोल-नगाड़ों की मदद से हाथियों को भगाने की कोशिश कर रहे हैं. ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग स्थायी समाधान निकाले, ताकि हर साल गर्मी के मौसम में होने वाली ऐसी घटनाओं से लोगों की जान बचाई जा सके.
Also Read: 26 घंटे में 3 हत्याएं करने वाला साइको किलर एनकाउंटर में मारा गया, बिहार के दो लोगों की ली थी जान
