करगहर सीएचसी के औचक निरीक्षण में पायी गयीं कई खामियां चिकित्सकों व कर्मियों की लापरवाही पर सीएस ने जतायी नाराजगी प्रतिनिधि, करगहर. आमजनों की शिकायत पर सीएचसी करगहर में बदहाल चिकित्सकीय व्यवस्था को लेकर सिविल सर्जन मणीराज रंजन ने औचक निरीक्षण किया. इस दौरान कई गंभीर खामियां सामने आयीं. सिविल सर्जन ने बताया कि आमजनों की ओर से की गयी शिकायत सही व सत्य पायी गयी है. उन्होंने कहा कि अस्पताल में व्याप्त कुव्यवस्था के लिए पदस्थापित चिकित्सक व कर्मी जिम्मेदार हैं, जो अपने दायित्वों का सही तरीके से पालन नहीं कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि बिजली कटने पर पावर सप्लाई के लिए लगाये गये जनरेटर की क्षमता केवल एक्स-रे कार्य तक सीमित है, जो पर्याप्त नहीं है. उन्होंने यह भी पाया कि कोई भी कर्मी समय से अस्पताल नहीं पहुंचता है और यही स्थिति चिकित्सकों की भी है. पैथोलॉजी व्यवस्था को सबसे दयनीय बताते हुए उन्होंने कहा कि मरीजों की जांच सही तरीके से नहीं की जाती है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को आशा और एएनएम की मिलीभगत से प्राइवेट क्लीनिकों में भेज दिया जाता है. इसके अलावा छोटी बीमारियों पर भी मरीजों को रेफर करने के मामले में करगहर सीएचसी जिले में नंबर वन बताया गया. मरीजों को दवाइयां उपलब्ध होने के बावजूद बाहर से दवा खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है. अस्पताल में 170 प्रकार की दवाइयां उपलब्ध हैं. डिजिटल जन्म प्रमाणपत्र बनाने में प्रति प्रमाणपत्र एक हजार रुपये लेने की शिकायत भी सामने आयी है, जिसे गंभीरता से लिया गया है. चिकित्सकों का ड्यूटी रोस्टर तैयार करेंगे सिविल सर्जन ने कहा कि वे स्वयं सभी चिकित्सकों का ड्यूटी रोस्टर तैयार करेंगे, जो आगे लागू रहेगा. उन्होंने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सहित सभी कर्मियों को एक सप्ताह में व्यवस्था सुधारने का समय दिया है. चेतावनी दी कि सुधार नहीं होने पर सभी चिकित्सकों व कर्मियों का स्थानांतरण किया जायेगा. उन्होंने कहा कि इस मामले में डीएम और स्थानीय विधायक से भी सहयोग लिया जायेगा. इस निरीक्षण के दौरान जदयू प्रखंड अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह, मुन्ना कुशवाहा, गोपाल चौधरी सहित कई लोग मौजूद थे.
एक सप्ताह में व्यवस्थाएं सुधारें-सीएस
करगहर सीएचसी के औचक निरीक्षण में पायी गयीं कई खामियां
