नवादा: मेसकौर के हर राजस्व गांव का होगा सर्वे, शिक्षा, स्वास्थ्य, नल-जल और बुनियादी सुविधाओं की सामने आएगी हकीकत

नवादा जिले के मेसकौर प्रखंड के सभी राजस्व गांवों में सरकारी सुविधाओं की जमीनी हकीकत का विस्तृत सर्वे किया जाएगा. इस पहल से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली, सड़क जैसी मूलभूत जरूरतों की वास्तविक स्थिति सामने आएगी.

Nawada News: नवादा जिले अंतर्गत मेसकौर प्रखंड के सभी राजस्व गांवों में अब सरकारी सुविधाओं और बुनियादी जरूरतों की वास्तविक धरातलीय स्थिति का विस्तृत सर्वे किया जाएगा. इसके माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, नल-जल योजना, बिजली, सड़क, कृषि और सिंचाई समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं की अद्यतन उपलब्धता और कमियों का सटीक आंकड़ा जुटाया जाएगा. इस अभियान को लेकर प्रखंड मुख्यालय स्थित बीडीओ सभागार में डीसीएचबी (DCHB) कर्मियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) अश्वनी कुमार ने की.

प्रत्येक गांव की स्थिति का होगा बारीकी से आकलन

बैठक में कर्मियों को दिशा-निर्देश देते हुए बीडीओ अश्वनी कुमार ने कहा कि सर्वे के दौरान प्रत्येक राजस्व ग्राम की स्थिति का अत्यंत बारीकी से आकलन किया जाना है. विशेष रूप से यह आंकड़ा दर्ज किया जाएगा कि किस गांव में विद्यालय संचालित हैं और कहां अब तक विद्यालय की सुविधा उपलब्ध नहीं है. कक्षा 1 से 8 तक की प्राथमिक व मध्य शिक्षा व्यवस्था के साथ-साथ अन्य उच्च विद्यालयों की स्थिति भी दर्ज होगी. विद्यालय न होने की स्थिति में निकटतम विद्यालय की दूरी स्पष्ट रूप से अंकित की जाएगी.

पेयजल संकट और स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष नजर

गांवों में 'हर घर नल का जल' योजना की वर्तमान स्थिति सर्वे का प्रमुख हिस्सा होगी. किन टोलों-मोहल्लों में नल से नियमित जल मिल रहा है और कहां पेयजल संकट है, इसकी सटीक रिपोर्ट तैयार होगी. इसके साथ ही चापाकल, कुएं, ट्यूबवेल, नदी व तालाब जैसे जलस्रोतों का ब्योरा दर्ज किया जाएगा. स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, उप-स्वास्थ्य केंद्र और उपलब्ध चिकित्सीय व्यवस्था का आकलन किया जाएगा.

धरातलीय हकीकत के आधार पर आंकड़े दर्ज करने का निर्देश

समीक्षा बैठक में बिजली आपूर्ति, सड़क-परिवहन, संचार, बैंकिंग, सिंचाई, कृषि बाजार, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, जन वितरण प्रणाली (राशन दुकान) और खेल के मैदानों की स्थिति पर भी चर्चा हुई. बीडीओ ने सभी कर्मियों को सख्त हिदायत दी कि सर्वे में किसी प्रकार की कोताही न बरतें और केवल जमीनी हकीकत के आधार पर ही त्रुटिरहित आंकड़े दर्ज करें, ताकि विकास योजनाओं का सही लाभ गांवों तक पहुंचाया जा सके.

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By Vishal kumar

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