Nawada News: नवादा जिले अंतर्गत रजौली प्रखंड में लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत शौचालय निर्माण की प्रोत्साहन राशि वितरण में बड़े पैमाने पर धांधली, रिश्वतखोरी और वित्तीय अनियमितता का गंभीर मामला सामने आया है. रजौली प्रखंड मुखिया संघ के अध्यक्ष पिंटू साव के नेतृत्व में विभिन्न पंचायतों के जनप्रतिनिधियों ने एकजुट होकर प्रखंड समन्वयक सतीश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
मुखिया संघ ने डीएम और डीडीसी को पत्र भेजकर की कार्रवाई की मांग
रजौली प्रखंड मुखिया संघ के अध्यक्ष सह हरदिया पंचायत के मुखिया पिंटू साव, रजौली पूर्वी के मुखिया संजय कुमार, लेंगुरा की मुखिया सरिता देवी, सवैयाटांड़ के मुखिया नारायण सिंह, अमावां पूर्वी की मुखिया फूलवा देवी, मुरहेना के मुखिया ईश्वरी प्रसाद, बहादुरपुर की मुखिया रेणु देवी, चितरकोली की मुखिया पूजा कुमारी, रजौली पश्चिमी की मुखिया सुभद्रा सिन्हा और फरकाबुजुर्ग की मुखिया उमा देवी सहित कई पंचायतों के जनप्रतिनिधियों ने संयुक्त शिकायत पत्र पर हस्ताक्षर कर उच्चस्तरीय जांच, आरोपी अधिकारी के तबादले और प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की है. मुखिया संघ ने उप विकास आयुक्त (डीडीसी) नवादा को स्पीड पोस्ट से शिकायत पत्र भेजा है, जिसकी प्रतिलिपि जिलाधिकारी नवादा, एसडीएम रजौली और बीडीओ रजौली को सौंपी गई है.
एक ही लाभुक को दो-दो बार भुगतान, धरातल पर बिना बने भी बंटी राशि
शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि प्रखंड समन्वयक सतीश कुमार द्वारा रिश्वत लेकर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है. नियमों को दरकिनार कर एक ही परिवार में पति और पत्नी दोनों के नाम पर शौचालय निर्माण की राशि जारी कर दी गई है. इसके साथ ही कई पंचायतों में धरातल पर बिना शौचालय बने ही कागजों पर भुगतान स्वीकृत कर सरकारी राशि का गबन किया गया है. अपने दावों के समर्थन में मुखिया संघ ने साक्ष्य के रूप में अमावां पूर्वी पंचायत और जोगियामारण पंचायत में किए गए फर्जी व दोबारा भुगतान के दस्तावेज भी वरीय अधिकारियों को उपलब्ध कराए हैं.
विरोध करने पर स्वच्छता पर्यवेक्षकों को नौकरी से निकालने की दी धमकी
मामले में यह भी खुलासा हुआ है कि जब पंचायत स्वच्छता पर्यवेक्षकों ने इस धांधली का विरोध किया, तो प्रखंड समन्वयक ने उन्हें पद से हटवाने की धमकी दी. आरोप है कि अधिकारी बिचौलियों व दलालों के माध्यम से सीधे लाभुकों से रिश्वत की रकम वसूल रहे हैं. जब मुखिया संघ ने अपने स्तर से जांच कर जवाब मांगा, तो उन्होंने कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया. जनप्रतिनिधियों का कहना है कि वर्तमान अधिकारी बिना घूस लिए कोई काम नहीं करते हैं, जिससे योजना का मूल उद्देश्य प्रभावित हो रहा है.
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