रजौली अनुमंडलीय अस्पताल में जल्द शुरू होगी ICU और वेंटिलेटर सुविधा, विधायक ने बताया ऐतिहासिक सौगात

Nawada News : रजौली अनुमंडलीय अस्पताल में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करते हुए ICU और वेंटिलेटर जैसी जीवनरक्षक चिकित्सा सेवाएं शुरू होने वाली हैं. यह सुविधा क्षेत्र के लाखों लोगों को गंभीर परिस्थितियों में तत्काल उपचार प्रदान करेगी, जिससे दूर-दराज के शहरों पर निर्भरता कम होगी.

Nawada News : रजौली अनुमंडलीय अस्पताल के स्वास्थ्य ढांचे में जल्द ही एक बड़ी सुविधा जुड़ने जा रही है. 75 शैय्या वाले रजौली अनुमंडलीय अस्पताल में आईसीयू (ICU) वार्ड और वेंटिलेटरयुक्त गंभीर चिकित्सा सेवाएं शुरू होने वाली हैं. इस पर विधायक विमल राजवंशी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र की जनता के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि और बड़ी सौगात बताया है.

स्थानीय स्तर पर मिलेगी जीवनरक्षक चिकित्सा सुविधा

विधायक विमल राजवंशी ने कहा कि इस बहुप्रतीक्षित सुविधा के शुरू होने से केवल रजौली ही नहीं, बल्कि पूरे विधानसभा क्षेत्र के लाखों लोगों को गंभीर स्थिति में स्थानीय स्तर पर ही बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी. इससे मरीजों को इलाज के लिए दूर-दराज के शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा.

राज्य सरकार ने उपलब्ध कराए आधुनिक उपकरण

राज्य सरकार ने रजौली अनुमंडलीय अस्पताल के लिए आईसीयू, वेंटिलेटर और अन्य आधुनिक गंभीर चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए हैं. झारखंड सीमा से सटे रजौली अनुमंडल से राष्ट्रीय राजमार्ग-20 गुजरता है, जहां सड़क दुर्घटनाओं की घटनाएं अक्सर होती रहती हैं. इसके अलावा सीमावर्ती क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए यहां पहुंचते हैं. ऐसे में लंबे समय से उन्नत चिकित्सा सुविधाओं की मांग की जा रही थी.

राज्य के 25 अनुमंडलीय अस्पतालों में शामिल हुआ रजौली

राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, बिहार सरकार ने राज्य के केवल 25 अनुमंडलीय अस्पतालों को आईसीयू और वेंटिलेटर जैसी आधुनिक सुविधाओं के लिए चयनित किया है. इनमें रजौली अनुमंडलीय अस्पताल का चयन होना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात मानी जा रही है.

गंभीर मरीजों को मिलेगा समय पर बेहतर इलाज

आईसीयू और वेंटिलेटर सुविधा शुरू होने के बाद सड़क दुर्घटनाओं में घायल मरीजों, हृदय रोगियों, स्ट्रोक पीड़ितों, गंभीर संक्रमण तथा अन्य आपातकालीन मरीजों को समय पर उच्चस्तरीय उपचार मिल सकेगा. इससे गया, नवादा और पटना जैसे बड़े शहरों में रेफर होने की आवश्यकता काफी हद तक कम होगी. साथ ही मरीजों का समय, धन और बहुमूल्य जीवन बचाने में भी यह सुविधा महत्वपूर्ण साबित होगी.

Also Read : बिहार विधानसभा चुनाव ड्यूटी का भुगतान नौ माह बाद भी लंबित, नवादा के वाहन मालिकों में बढ़ी नाराजगी



प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Kr manish dev

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >