Nawada Half-yearly exam: रजौली प्रखंड क्षेत्र के सरकारी विद्यालयों में नौवीं, दसवीं, ग्यारहवीं एवं बारहवीं कक्षा की अर्धवार्षिक परीक्षा सोमवार से दो पालियों में शुरू हुई. लेकिन प्रशासनिक व्यवस्था की कमी के कारण जोगियामारण पंचायत के भगवानपुर और मुरहेना पंचायत स्थित उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों को परीक्षा देने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल सकी. इससे छात्र-छात्राओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.
261 विद्यार्थियों के लिए चार कमरे
भगवानपुर विद्यालय में उपलब्ध चार कमरों में कला और विज्ञान संकाय के कुल 261 विद्यार्थी पहली पाली में हिंदी और दूसरी पाली में अंग्रेजी की परीक्षा दे रहे थे. कमरे कम होने के कारण विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सरोज यादव ने नौवीं और दसवीं के छात्र-छात्राओं को बिना परीक्षा दिये वापस घर भेज दिया. विद्यार्थियों से कहा गया कि उनकी परीक्षा दो दिन बाद होगी.
परीक्षा से रोके जाने पर विद्यार्थी आक्रोशित हो गये. उनका कहना था कि पूरे बिहार में एक ही समय पर परीक्षा हो रही है और आसपास के गांवों के विद्यालयों में भी विद्यार्थी परीक्षा दे रहे हैं. ऐसे में वहां परीक्षा होने के बाद प्रश्नपत्र यूट्यूब समेत अन्य सोशल मीडिया पर वायरल होने की आशंका है. विद्यार्थियों ने सवाल उठाया कि इसके बाद उनकी परीक्षा का क्या महत्व रह जायेगा.
प्रखंड कार्यालय से बीआरसी तक पहुंचे विद्यार्थी
भगवानपुर विद्यालय के नौवीं कक्षा के 125 और दसवीं कक्षा के 142 छात्र-छात्राएं प्रखंड कार्यालय परिसर पहुंच गये. वहां पदाधिकारियों ने उन्हें बीआरसी जाने को कहा. बीआरसी पहुंचने के बाद सोमवार दोपहर करीब 12 बजे पदाधिकारियों ने विद्यालय की प्रधानाध्यापिका से बातचीत की.
इसके बाद विद्यार्थियों को दूसरे विद्यालय में परीक्षा दिलाने का आश्वासन दिया गया. कड़ी धूप और गर्मी के बीच सैकड़ों छात्र-छात्राएं भगवानपुर विद्यालय से बीआरसी भवन के समीप परीक्षा कराने की मांग को लेकर डटे रहे.
विद्यालय में कमरों की संख्या कम, नामांकन अधिक
विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सरोज यादव ने बताया कि विद्यालय में मात्र तीन कमरे हैं. परीक्षा संचालन के लिए मध्य विद्यालय का एक कमरा लिया गया है. एक कमरे में संकुल का मूल्यांकन चल रहा है. दो कमरों में से एक में मध्य विद्यालय के पहली से पांचवीं कक्षा और दूसरे में छठी से आठवीं कक्षा के विद्यार्थी बैठते हैं. इसके अलावा दोनों विद्यालयों के लिए अलग-अलग कार्यालय हैं.
प्रधानाध्यापिका ने बताया कि भवन निर्माण के लिए विभाग को कई बार पत्राचार किया गया है. उन्होंने कहा कि विद्यालय में पर्याप्त संख्या में बेंच और डेस्क भी उपलब्ध नहीं हैं कि टेंट लगाकर परीक्षा का संचालन कराया जा सके.
आक्रोशित विद्यार्थियों ने लगाये कई आरोप
भगवानपुर स्थित परिसर में मध्य विद्यालय और उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय का संचालन किया जा रहा है. उच्च माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं राधा, रिया, संगीता समेत अन्य विद्यार्थियों ने स्कूल में साफ-सफाई और अन्य गैर शैक्षणिक कार्य विद्यार्थियों से कराये जाने का आरोप लगाया.
विद्यार्थियों ने पानी और शौचालय जैसी जरूरी सुविधाओं के अभाव की भी शिकायत की. शिक्षकों के बीच आपसी विवाद को लेकर पिछले दिनों विद्यालय में डायल 112 की टीम बुलाये जाने की बात भी सामने आयी.
संकुल मूल्यांकन में आयीं शिक्षिका ने भी बतायी परेशानी
प्राथमिक विद्यालय तिलैया से संकुल मूल्यांकन में शामिल होने आयीं शिक्षिका बेबी कुमारी समेत अन्य ने भी विद्यालय की व्यवस्था पर सवाल उठाये. उन्होंने बताया कि मूल्यांकन में शामिल शिक्षक-शिक्षिकाओं को बैठने के लिए उचित स्थान तक नहीं दिया गया. उन्हें बिना पंखे वाले कमरों में बैठाया गया है. शिक्षिकाओं ने बताया कि विद्यालय का शौचालय गंदा है और पेयजल की भी उचित व्यवस्था नहीं है.
क्या कहते हैं अधिकारी
इस संबंध में प्रभारी बीईओ राकेश कुमार ने बताया कि भगवानपुर और मुरहेना में छात्र-छात्राओं की परीक्षा बगल के विद्यालयों में शुरू करायी गयी है. नौवीं और दसवीं के छात्र-छात्राएं पहले दिन हिंदी और संस्कृत की परीक्षा दे रही हैं. उन्होंने विद्यालय में व्याप्त कुव्यवस्थाओं के विरुद्ध बाद में कार्रवाई किये जाने का आश्वासन दिया.
