नवादा के रजौली में सड़क की बदहाली पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, बांस बांधकर वाहनों का आवागमन रोका

रजौली प्रखंड के बलिया गांव में सड़क और नाली की बदहाल स्थिति ने ग्रामीणों को सड़कों पर उतरने को मजबूर कर दिया है. कीचड़ और जलजमाव के कारण स्कूली बच्चों और मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे लोगों का गुस्सा भड़क उठा है.

Waterlogging: रजौली प्रखंड की सिरोडावर पंचायत स्थित बलिया गांव के वार्ड नंबर 12 में सड़क और नाली की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया है. गांव से इंटर स्कूल जाने वाली सड़क पर भारी कीचड़ और जलजमाव के कारण ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं को आवागमन में परेशानी हो रही है. पक्की नाली और पीसीसी सड़क का निर्माण नहीं होने के कारण बारिश के बाद सड़क पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो गयी है.

ग्रामीणों का कहना है कि मुख्य मार्ग पर गंदा पानी और कीचड़ जमा रहने से पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है. जलजमाव के कारण गांव में बीमारी फैलने की आशंका भी बनी हुई है. समस्या से नाराज ग्रामीणों ने शनिवार को सड़क पर बांस बांधकर छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन रोक दिया और सरकार, प्रशासन तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ विरोध जताया.

मरीजों और स्कूली बच्चों के लिए परेशानी बनी कीचड़ भरी सड़क

स्थानीय निवासी लक्ष्मी कुमारी ने बताया कि सड़क की बदहाल स्थिति के कारण सबसे अधिक परेशानी आपातकालीन स्थिति में होती है. गांव में गर्भवती महिला या गंभीर मरीज होने पर उसे अस्पताल तक पहुंचाना मुश्किल हो जाता है.

बरवा गांव निवासी अरविंद कुमार और लक्ष्मी कुमारी ने बताया कि इस रास्ते से बरवा सहित आसपास के करीब सात गांवों के बच्चे रोजाना पढ़ाई के लिए रजौली आते-जाते हैं. कीचड़ और जलजमाव के बीच से गुजरने के कारण बच्चों के कपड़े खराब हो जाते हैं और फिसलकर गिरने का खतरा भी बना रहता है.

यह सड़क बलिया, बरवा, जोगियामारन समेत कई गांवों को जोड़ती है. ग्रामीणों के अनुसार, इस मार्ग से रोजाना सैकड़ों लोगों का आवागमन होता है.

पांच साल से सड़क निर्माण का इंतजार

ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले पांच वर्षों में कई चुनाव हुए, लेकिन सड़क और नाली की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका. अरविंद कुमार ने बताया कि इतने वर्षों में न सड़क का निर्माण हुआ और न ही नाली बनायी गयी.

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पंचायत स्तर के अधिकारियों के समक्ष समस्या रखी, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई. विभागीय स्तर से भी स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने के कारण ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है.

मनरेगा और 15वीं वित्त योजना से निर्माण की मांग

समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर ग्रामीणों ने रजौली प्रखंड विकास पदाधिकारी को लिखित आवेदन दिया है. आवेदन में संजू देवी, दीपक कुमार, मीना देवी, उषा देवी, फुलवा देवी, ममता देवी, मंजू देवी, संध्या देवी, सनीमोनी देवी, रवि राजवंशी, अरुण राम, हरिनंदन रविदास और अर्जुन चौधरी समेत कई ग्रामीणों ने हस्ताक्षर किये हैं.

आवेदन में बताया गया है कि सिरोडावर पंचायत के बलिया गांव के वार्ड नंबर 12 में करीब 100 से 120 घर हैं. पक्की सड़क और नाली के अभाव में ग्रामीणों को बारिश के मौसम में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है.

ग्रामीणों ने मनरेगा योजना अथवा 15वीं वित्त आयोग की निधि से नाली और पीसीसी सड़क निर्माण को स्वीकृति देने की मांग की है.

क्या कहते हैं सक्षम पदाधिकारी

प्रखंड विकास पदाधिकारी संजीव झा ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत की जांच करायी जायेगी. जांच के बाद समस्या को पंचायत विकास योजना में शामिल कराकर जल्द से जल्द निर्माण कार्य कराने की प्रक्रिया शुरू की जायेगी.

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By कुमार मनीष देव

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