Nawada News : पकरीबरावां प्रखंड की दक्षिणी और उत्तरी ग्राम पंचायतों में पिछले दो दिनों से ठप पड़ी सफाई व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने पहल की है. लंबे समय से बकाया मानदेय का भुगतान नहीं होने और कचरा निस्तारण के लिए स्थायी स्थल उपलब्ध नहीं कराए जाने की मांग को लेकर स्वच्छता कर्मियों ने सफाई कार्य बंद कर दिया था. सफाई कार्य बाधित होने से दोनों पंचायतों के विभिन्न वार्डों में कचरे का उठाव बंद हो गया था. इसके कारण सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थलों पर कचरा जमा होने लगा था, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था.
खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आया प्रशासन
स्वच्छता कर्मियों की समस्या को लेकर प्रभात खबर ने बुधवार के अंक में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी. खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासनिक स्तर पर गतिविधियां तेज हुईं. प्रखंड प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली और उपलब्ध आवंटन के आधार पर स्वच्छता कर्मियों के बकाया मानदेय भुगतान की प्रक्रिया शुरू कराई.
उत्तरी पंचायत के कर्मियों को दो और दक्षिणी के कर्मियों को पांच माह का मिला मानदेय
प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. मृत्युंजय कुमार ने बताया कि उपलब्ध आवंटन के अनुसार गुरुवार को स्वच्छता कर्मियों के बैंक खातों में राशि भेज दी गई है. उन्होंने बताया कि उत्तरी ग्राम पंचायत के स्वच्छता कर्मियों को दो माह का मानदेय तथा दक्षिणी ग्राम पंचायत के स्वच्छता कर्मियों को पांच माह का मानदेय उपलब्ध आवंटन के अनुरूप भुगतान किया गया है.
शेष बकाया राशि के लिए भेजा गया प्रस्ताव
बीडीओ ने बताया कि दोनों पंचायतों के स्वच्छता कर्मियों का शेष बकाया मानदेय भी विभागीय आवंटन प्राप्त होते ही भुगतान कर दिया जाएगा. इसके लिए उच्चाधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है और आवंटन मिलने की प्रक्रिया जारी है. उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि स्वच्छता कर्मियों का पूरा बकाया जल्द से जल्द भुगतान किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो.
स्थायी कचरा निस्तारण स्थल की मांग अब भी लंबित
मानदेय भुगतान के बाद स्वच्छता कर्मियों में राहत देखी गई है. हालांकि, उनकी दूसरी प्रमुख मांग कचरा निस्तारण के लिए स्थायी स्थल उपलब्ध कराने की अब भी लंबित है. स्वच्छता कर्मियों का कहना है कि डंपिंग स्थल निर्धारित नहीं होने के कारण कचरा उठाने के बाद उसके निस्तारण में काफी परेशानी होती है. कई बार स्थानीय स्तर पर विरोध का भी सामना करना पड़ता है. ऐसे में कचरा निस्तारण के लिए स्थायी व्यवस्था जरूरी है.
पंचायतों में नियमित सफाई व्यवस्था बहाल करने की मांग
स्थानीय लोगों ने मानदेय भुगतान की कार्रवाई का स्वागत किया है. ग्रामीणों ने कहा कि पंचायतों में नियमित सफाई व्यवस्था बहाल रहना जरूरी है. उन्होंने प्रशासन से जल्द कचरा निस्तारण के लिए स्थायी डंपिंग स्थल उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि भविष्य में सफाई कार्य किसी कारणवश बाधित न हो और पंचायतों में स्वच्छता व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित होती रहे.
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