Posts Department Paperless RMS : डाक विभाग अब रेलवे मेल सर्विस (आरएमएस) और अन्य मेल कार्यालयों के कामकाज को पूरी तरह पेपरलेस बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. इसके लिए विभाग ने प्रयास शुरू कर दिया है. आरएमएस और मेल कार्यालयों में कागजी रिकॉर्ड और दस्तावेजों पर निर्भरता कम करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है. समिति आरएमएस में डाक की प्राप्ति से लेकर प्रसंस्करण, ट्रांसमिशन, डिस्पैच और डिलीवरी तक की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की जा रही है.
डाक अधीक्षक ने बताया कि डाक विभाग की सेवाओं को कम से कम कागज के उपयोग से पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है. तकनीक का सहारा लेकर अब कामकाज को डिजिटल तरीके से पूरा किया जा रहा है.
एक महीने में देनी होगी रिपोर्ट
एक तरफ डाक विभाग के कामों को डिजिटल किया जा रहा है तो दूसरी तरफ समिति को एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी. रिपोर्ट में पेपरलेस व्यवस्था लागू करने के लिए जरूरी उपायों और डिजिटल बदलावों से जुड़ी सिफारिशें शामिल होंगी. विभाग द्वारा इस संबंध में 24 अगस्त 2026 को कार्यालय पत्र जारी कर दिया गया था.
आरएमएस के हर चरण को डिजिटल बनाने की तैयारी
मौजूदा प्रक्रियाओं, रिकॉर्ड और दस्तावेजों की समीक्षा कर यह पहचान की जा रही है कि किन गतिविधियों को पेपरलेस किया जा सकता है. डाक की प्राप्ति, प्रोसेसिंग, ट्रांसमिशन, डिस्पैच और डिलीवरी से जुड़े कार्यों को डिजिटल बनाने के लिए समाधान सुझाए जाएंगे. डाक विभाग का लक्ष्य आरएमएस और अन्य मेल कार्यालयों के कामकाज को ज्यादा डिजिटल और कम कागज आधारित बनाना है. इसके लिए गठित समिति की समीक्षा करेगी.
अलग-अलग सॉफ्टवेयर के एकीकरण की भी होगी जांच
समिति आरएमएस में इस्तेमाल किए जा रहे विभिन्न एप्लीकेशन और सॉफ्टवेयर की समीक्षा करेगी. साथ ही आरएमएस में इस्तेमाल हो रहे विभिन्न एकीकरण और इंटरऑपरेबिलिटी की संभावनाओं की जांच की जाएगी. इसका उद्देश्य अलग-अलग डिजिटल प्रणालियों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान अधिक प्रभावी तरीके से हो सके.
डिजिटल रिकॉर्ड के प्रमाणीकरण-रखरखाव पर भी सुझाव
समिति केवल कागज हटाने तक सीमित नहीं रहेगी. वह डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने, उनके प्रमाणीकरण, रखरखाव और जरूरत पड़ने पर रिकॉर्ड की तुरंत खोज की व्यवस्था को लेकर भी सुझाव देगी. इससे महत्वपूर्ण दस्तावेजों को डिजिटल रूप में व्यवस्थित रखने की व्यवस्था विकसित करने में मदद मिल सकती है.
डिवीजन और सर्किल से लिये जाएंगे सुझाव
डाक विभाग के संबंधित डिवीजन, विंग और सर्किल से जरूरत के अनुसार संचालन संबंधी सुझाव मांगे गए हैं. इससे मेल कार्यालयों में कामकाज के दौरान आने वाली व्यावहारिक जरूरतों को प्रस्तावित डिजिटल व्यवस्था में शामिल किया जा सकेगा.
विभाग का उद्देश्य आरएमएस और मेल कार्यालयों के कामकाज को डिजिटल, तेज, पारदर्शी और कम कागज आधारित बनाना है.
तकनीकी और संचालन संबंधी बाधाओं की होगी पहचान
पेपरलेस व्यवस्था लागू करने के दौरान आने वाली तकनीकी और संचालन संबंधी समस्याओं की भी पहचान की जाएगी. समिति इन बाधाओं के समाधान के लिए आवश्यक उपाय सुझायेगी. इसका उद्देश्य ऐसी डिजिटल व्यवस्था तैयार करना है, जिसे मेल कार्यालयों में व्यावहारिक रूप से लागू किया जा सके.
