Nawada paper leak scandal : बिहार के नवादा जिले के बहुचर्चित बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग की परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक कांड में गिरफ्तारी से बचने की हरसंभव कोशिश कर रहे आरोपियों को व्यवहार न्यायालय से एक बहुत बड़ा झटका लगा है. इस मामले में परीक्षा केंद्र के केंद्राधीक्षक गणेश पासवान तथा कक्ष संख्या-15 की वीक्षक अनुष्का रानी की ओर से दाखिल की गई अग्रिम जमानत याचिका को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश-IX (ADJ-9) नवादा, आनंद भूषण की अदालत ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है.
प्रथम दृष्टया मामले को माना गया बेहद गंभीर प्रकृति का
अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया उपलब्ध कराए गए सभी साक्ष्यों के आधार पर यह मामला बेहद गंभीर प्रकृति का बनता है. कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि मौजूदा परिस्थितियों और साक्ष्यों को देखते हुए इस स्तर पर आरोपियों को अग्रिम जमानत दिए जाने का कोई भी उचित औचित्य नहीं बनता है.
अभियोजन पक्ष ने प्रस्तुत किए पुख्ता साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष केस डायरी, परीक्षा केंद्र पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों के वीडियो फुटेज तथा अन्य महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य मजबूती के साथ प्रस्तुत किए, जिसके आधार पर आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया गया. वहीं दूसरी ओर, बचाव पक्ष की तरफ से दोनों आरोपितों को पूरी तरह निर्दोष बताते हुए गिरफ्तारी से कानूनी संरक्षण प्रदान करने की मांग की गई थी.
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत का सख्त रुख
अदालत ने दोनों पक्षों की लंबी दलीलें सुनने और पत्रावलियों तथा उपलब्ध अभिलेखों का बारीकी से अवलोकन करने के बाद यह पाया कि वर्तमान परिस्थितियों में आरोपियों को किसी भी प्रकार की अग्रिम राहत प्रदान करना न्यायोचित कदम नहीं होगा. अदालत के इस कड़े रुख के बाद अब दोनों आरोपियों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं.
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