Nawada News: करीब सात महीने तक पुलिस की आंखों में धूल झोंकने वाला और नवादा मंडल कारा से फरार कुख्यात लुटेरा आखिरकार कानून के शिकंजे में आ ही गया है. दिसंबर 2025 में इलाज के दौरान नवादा सदर अस्पताल में पुलिस अभिरक्षा से फरार हुआ यह शातिर अपराधी लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था. लेकिन तकनीकी सर्विलांस और सटीक सूचना के आधार पर नवादा पुलिस ने उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में छापेमारी कर उसे धर दबोचा. पुलिस उसे कड़ी सुरक्षा के बीच नवादा लाकर न्यायालय में पेश कर चुकी है.
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान प्रहलाद कुमार सोनी उर्फ प्रहलाद (35 वर्ष), पिता कृष्णा पासवान उर्फ किशोरी प्रसाद के रूप में हुई है. वह मूल रूप से नालंदा जिले के भागन बिगहा थाना क्षेत्र के तूफानगंज का रहने वाला है, जो वर्तमान में यूपी के प्रयागराज जिला अंतर्गत ग्यासुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के राजरूपपुर में रह रहा था.
मदद के बहाने मुसाफिरों को बनाता था शिकार
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, प्रहलाद कोई साधारण अपराधी नहीं है. वह हाइवे और स्टेशन के आसपास यात्रियों को निशाना बनाने वाले एक बेहद शातिर गिरोह का सक्रिय सदस्य है. यह गिरोह अहले सुबह या देर रात नवादा रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर उतरने वाले अनजान यात्रियों की तलाश में रहता था. पहले उन्हें गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचाने का भरोसा देकर अपनी गाड़ी में बैठाता था और फिर सुनसान इलाके में ले जाकर हथियार के बल पर मारपीट व लूटपाट की वारदात को अंजाम देता था.
बुजुर्ग दंपत्ति की सूझबूझ से खुली थी साजिश
इस गिरोह ने एक सुबह कोलकाता से ट्रेन द्वारा नवादा पहुंचे कुटुंबा/कौआकोल प्रखंड के बड़राजी निवासी एक बुजुर्ग दंपत्ति को मदद का झांसा देकर अपनी गाड़ी में बैठा लिया था. तीन नंबर बस स्टैंड से आगे बढ़ते ही बदमाशों ने हथियार के बल पर दोनों से लूटपाट शुरू कर दी. छीना-झपटी के दौरान दंपत्ति का एक मोबाइल अपराधियों की नजर से बच गया. बदमाशों के भागते ही बुजुर्ग ने उसी मोबाइल से तत्काल डायल-112 पर कॉल कर दिया. सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस और डायल-112 की टीम ने घेराबंदी कर पीछा किया और प्रहलाद समेत उसके सहयोगियों को दबोचकर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था.
इलाज के दौरान अस्पताल की खिड़की से कूदकर हुआ था फरार
करीब तीन-चार महीने जेल में रहने के बाद प्रहलाद की तबीयत बिगड़ने पर उसे पुलिस सुरक्षा में इलाज के लिए नवादा सदर अस्पताल लाया गया था. वार्ड में इलाज के दौरान उसने सुरक्षाकर्मियों को चकमा दिया और अस्पताल की खिड़की से छलांग लगाकर फरार होने में सफल रहा. इस घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था और उसके विरुद्ध नगर थाने में एफआईआर दर्ज कर लगातार तलाश की जा रही थी.
तकनीकी सर्विलांस ने दिलाई बड़ी सफलता
मामले के अनुसंधानकर्ता (आईओ) सह सब-इंस्पेक्टर (एसआई) सानू कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम लगातार मोबाइल लोकेशन, तकनीकी सर्विलांस और मानवीय इनपुट के आधार पर उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी. जांच के दौरान पुलिस को पुख्ता सूचना मिली कि वह प्रयागराज में छिपा हुआ है. इसके बाद नवादा पुलिस की विशेष टीम उत्तर प्रदेश पहुंची और स्थानीय पुलिस के सहयोग से घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया. आवश्यक पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है.
क्या कहते हैं अनुसंधानकर्ता
मामले के अनुसंधानकर्ता व नगर थाना के एसआई सानू कुमार ने बताया कि लंबे समय से फरार इस शातिर अपराधी की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा था. अंततः तकनीकी जांच, मानवीय सूचना और सतत प्रयासों के बल पर उसे कानून के शिकंजे में लाने में सफलता मिली. इस कार्रवाई से आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ेगा और अपराधियों में पुलिस का भय और मजबूत होगा.
