Nawada News : रजौली थाना क्षेत्र में अतिक्रमण हटाओ अभियान के तीसरे दिन एनएचएआई की नालियों पर किए गये अतिक्रमण को हटाया गया. इस दौरान गाबर कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर आरके त्रिपाठी बुलडोजर टीम और पुलिस बल के साथ मौजूद रहे. कार्रवाई रजौली बाईपास में रजौली कैंटीन के साइड में सर्विस रोड के किनारे की गयी.
नालियों से ऊंचा कर बिछा दिया गया था पेवर ब्लॉक
सर्विस रोड के बगल में दर्जनों मकानों और दुकानों के आगे एनएचएआई द्वारा बनायी गयी नालियों से काफी ऊंचाई पर पेवर ब्लॉक आदि बिछा दिया गया था. इसके कारण मकानों और दुकानों का पानी तथा गंदगी नालियों में गिर रही थी. वहीं, बीते छह महीने से अधिक समय से सर्विस रोड के किनारे बनी नाली पर लगे दर्जनों प्लेट टूटे पड़े हैं और नाली खुली हुई है.
स्थानीय लोगों के कारण नाली क्षतिग्रस्त होने का दावा
प्रोजेक्ट मैनेजर आरके त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि स्थानीय लोगों के अनियमित क्रियाकलाप के कारण नालियां क्षतिग्रस्त हुई हैं. उन्होंने बताया कि एनएचएआई की नाली का निर्माण केवल बारिश के पानी की निकासी के लिए किया गया था. इसमें किसी के घर अथवा दुकान का पानी नहीं बहने दिया जाएगा.
उन्होंने कहा कि घर और दुकान के आगे समतलीकरण कर नाली से नीचे फर्श बनाया जा रहा है, ताकि भविष्य में बारिश के पानी का सुचारु बहाव हो सके. कार्रवाई के दौरान मकानों और दुकानों के आगे बिछाये गये पेवर ब्लॉक, निर्मित नाली और करकटनुमा स्ट्रक्चर को तोड़ दिया गया. साथ ही नाली पर ढक्कन लगाने की भी बात कही गयी.
कई लोगों ने खुद हटाया अतिक्रमण
प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि अतिक्रमण अभियान को देखते हुए हरदिया और आसपास के क्षेत्रों में अधिकांश लोगों ने स्वतः अतिक्रमण हटा लिया है. उन्होंने कहा कि प्राणचक मोड़ के समीप भी कुछ मकान और दुकान एनएचएआई की जमीन में प्रतीत हो रहे हैं. उनकी नापी कराकर अतिक्रमणमुक्त करने की कार्रवाई की जाएगी.
जमीन पर अवैध निर्माण की शिकायत
बाईपास निवासी अनुज यादव और पुरानी बस स्टैंड निवासी श्रवण चौधरी ने कहा कि कुछ लोगों द्वारा उनकी जमीन के आगे एनएचएआई की जमीन पर अवैध निर्माण कराया गया है. इसे हटाने को लेकर अंचलाधिकारी और एनएचएआई को लिखित आवेदन दिया गया है.
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पुराने नक्शे के अभाव में अस्थायी संरचनाएं हटायी गयीं : सीओ
इस संबंध में अंचलाधिकारी मो. गुफरान मजहरी ने बताया कि वर्ष 1974 के आसपास सिमरकोल से बांके मोड़ तक का पुराना नक्शा उपलब्ध नहीं है. इसलिए फिलहाल अस्थायी संरचनाओं को हटाया गया है. उन्होंने कहा कि नक्शा उपलब्ध होने के बाद अगले चरण में पैमाइश कर संबंधित लोगों को नोटिस दिया जाएगा और नियमानुसार अग्रेतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
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