नवादा से प्रेम कुमार की रिपोर्ट
Nawada News : राजकीय राजमार्ग 103 पर यातायात नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ायी जा रही हैं. सड़कों पर कई यात्री वाहन क्षमता से अधिक लोगों को बैठाकर फर्राटे भर रहे हैं. स्थिति यह है कि वाहनों के अंदर जगह नहीं मिलने पर चालक छतों पर भी ठूंस-ठूंसकर सवारियां बैठा रहे हैं. इसके बावजूद संबंधित विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है. इस कारण नियम तोड़ने वालों के हौसले बुलंद हैं. इससे हादसे होने की आशंका बढ़ रही है. मेसकौर प्रखंड के सीतामढ़ी, मेसकौर चौक समेत अन्य जगहों पर छोटे वाहनों पर क्षमता से काफी अधिक सवारियों को बैठाया जा रहा है.
ओवरलोड वाहनों पर नहीं लग रही लगाम, हर दिन हादसे को दिया जा रहा न्योता
अगर कोई हादसा होता है, तो इसके लिए आखिर कौन जिम्मेवार होगा. एस-एच से गुजरने वाले कई मार्गों पर प्रतिदिन ऐसे नजारे देखने को मिल जाते हैं. बताते चले की ओवरलोड, तेज गति से गाड़ी व बाइक चलाने के कारण पिछले आठ नौ महीने में दर्जन भर लोग अपनी जान गवां बैठे है जबकि दर्जनों लोग अभी भी इलाजरत है. खासकर ग्रामीण इलाकों से शहर की ओर आने-जाने वाले छोटे यात्री वाहन, ऑटो, टेंपो और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों में क्षमता से कई गुना अधिक यात्रियों को बैठाया जाता है. जहां किसी तरह की कोई सुरक्षा नहीं होती है. ऐसे में मामूली दुर्घटना भी बड़े हादसे का रूप ले सकती है. यात्री सुरेश प्रसाद का कहना है कि पर्याप्त परिवहन सुविधा नहीं होने और समय पर वाहन नहीं मिलने के कारण उन्हें मजबूरी में जोखिम भरा सफर करना पड़ता है. हालांकि जान जोखिम में डालकर यात्रा करना न केवल यात्रियों बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों के लिए भी खतरा बन जाता है.
छत पर सफर करना जानलेवा, ओवरलोड वाहनों के खिलाफ जल्द चलेगा अभियान
मेसकौर सीओ अभिनव राज ने बताया कि वाहन की छत पर बैठकर यात्रा करने से संतुलन बिगड़ने, अचानक ब्रेक लगने या वाहन के किसी पुल, पेड़ अथवा अन्य अवरोध से टकराने से दुर्घटना हो सकती है. इसके अलावा ओवरलोडिंग के कारण वाहन के पलटने की आशंका भी बढ़ जाती है. बावजूद चालक लालच में नियमों की अनदेखी करने से बाज नहीं आ रहे हैं. यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है. जल्द ही इसके लिए अभियान चलाया जाएगा. उन्होंने यात्रियों से भी यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है.
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