Nawada News : (विशाल कुमार) नवादा जिले के सदर प्रखंड अंतर्गत ओरैना पंचायत के विद्यार्थियों ने शिक्षा और तकनीकी जागरूकता के क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है. बिहार छात्र संसद की पहल पर ग्रामीण परिवेश से आने वाले छात्र-छात्राओं ने पटना में आयोजित बिहार एआई समिट 2026 में हिस्सा लेकर न केवल अपने गांव बल्कि पूरे जिले का गौरव बढ़ाया। समिट में शामिल होकर छात्रों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), नवाचार और आधुनिक तकनीकों की महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल कीं.
AI Summit 2026 में गांव के छात्रों की दमदार मौजूदगी.
पटना के ऊर्जा भवन ऑडिटोरियम में आयोजित बिहार एआई समिट 2026 में बिहार छात्र संसद ने आयोजन सहयोगी के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं और विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नवाचार और भविष्य की तकनीकों से जोड़ना था. इस मंच पर ओरैना पंचायत के विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी निभाकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया.
ग्रामीण परिवेश से निकलकर तकनीक की दुनिया तक पहुंची नई पीढ़ी
इस पहल के तहत पंचायत से चयनित प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को समिट में शामिल होने का अवसर मिला। छात्रों ने एआई आधारित नई तकनीकों, डिजिटल नवाचार और भविष्य में उनके उपयोग से जुड़ी जानकारियां प्राप्त कीं। ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए यह अनुभव बेहद प्रेरणादायक साबित हुआ.
AI की जानकारी मिलते ही छात्रों में दिखा नया उत्साह
कार्यक्रम में भाग लेने वाले विद्यार्थियों ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तकनीकी नवाचार के बारे में सीखकर उनके भीतर नया आत्मविश्वास पैदा हुआ है. उनका मानना है कि यदि उन्हें उचित मार्गदर्शन और अवसर मिले तो वे राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकते हैं.
विशेषज्ञों से संवाद का मिला सुनहरा अवसर.
बिहार छात्र संसद के मगध क्षेत्र समन्वयक प्रशांत मानव ने बताया कि ओरैना पंचायत के अभिषेक, आलोक, सुमित, शशिकांत, राज, मोहित, मनित, अमित, पीयूष, हिमांशु और ऋषव समेत कई विद्यार्थियों ने समिट में भाग लिया. छात्रों ने विशेषज्ञों से संवाद कर एआई के व्यावहारिक उपयोग, नई संभावनाओं और तकनीकी भविष्य को करीब से समझा.
बिहार छात्र संसद की पहल बनी ग्रामीण युवाओं के लिए प्रेरणा
शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में बिहार छात्र संसद की यह पहल ग्रामीण विद्यार्थियों को नई दिशा देने का काम कर रही है. इससे गांव के युवाओं को आधुनिक तकनीक से जुड़ने और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होने का अवसर मिल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी पहलें ग्रामीण भारत की प्रतिभाओं को नई उड़ान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी.
