Nawada News: नवादा नगर के भदौनी स्थित ऐतिहासिक शोभनाथ मंदिर में सावन के पावन अवसर पर तड़के सुबह से ही 'ॐ नमः शिवाय' और 'हर-हर महादेव' के जयघोष गूंजने लगते हैं. मंदिर में विराजमान पंचमुखी महादेव के जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है. लोक मान्यता है कि यहां सच्चे मन से भगवान शिव की आराधना करने वाले हर भक्त की मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
1931 में हुई थी स्थापना, खुदाई में प्रकट हुआ था पंचमुखी शिवलिंग
नवादा-गया पथ पर भदौनी पशु हाट के समीप स्थित इस मंदिर का इतिहास वर्ष 1931 से जुड़ा हुआ है. बताया जाता है कि उस समय सड़क निर्माण के दौरान खुदाई में एक अद्भुत पंचमुखी शिवलिंग प्रकट हुआ था. तत्कालीन ठेकेदार ने कार्य रोककर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की, जिसके बाद निर्माण कार्य बिना किसी बाधा के पूरा हुआ. इसी चमत्कारिक घटना के बाद यहां मंदिर की स्थापना की गई, जो आज लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बन चुका है.
हर वर्ष 10 हजार से अधिक जोड़े बंधते हैं परिणय सूत्र में
शोभनाथ मंदिर केवल पूजा-अर्चना का केंद्र ही नहीं, बल्कि जिले में सुलभ और कम खर्च में विवाह संपन्न कराने के लिए भी काफी प्रसिद्ध है. हर वर्ष 10 हजार से अधिक जोड़े भगवान शिव को साक्षी मानकर यहां वैवाहिक जीवन की शुरुआत करते हैं. सावन, महाशिवरात्रि और प्रत्येक पूर्णिमा पर यहां विशेष पूजा, जलाभिषेक और मेले का आयोजन होता है, जिसमें जिले सहित दूर-दराज के श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचते हैं.
निर्माण कार्य अधूरा रहने से श्रद्धालुओं में थोड़ी नाराजगी
शहर के कई समाज सेवियों ने इस ऐतिहासिक मंदिर की व्यवस्थाओं को अपने हाथ में लिया है, जिससे इसके सौंदर्यीकरण और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की उम्मीदें बढ़ी हैं. हालांकि, फंड (पैसे) के अभाव के कारण मंदिर का निर्माण कार्य अब तक पूरी तरह से संपन्न नहीं हो पाया है, जिसे लेकर शिव भक्तों के बीच थोड़ी नाराजगी भी देखी जाती है. स्थानीय लोगों की मांग है कि इस मंदिर को पूर्ण भव्यता दी जाए.
