Nawada News (कुमार मनीष देव): बिहार के नवादा जिले के रजौली प्रखंड में सहकारिता और पैक्स राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है. रजौली प्रखंड के एक निजी होटल में गुरुवार को प्रखंड क्षेत्र के पैक्स अध्यक्षों की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और रणनीतिक बैठक आयोजित की गई. इस बैठक की अध्यक्षता मुरहेना पैक्स के अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार ने की. बैठक में गहन विचार-विमर्श और आपसी सहमति के बाद अमावां पश्चिमी पैक्स के अध्यक्ष रामाशिष कुमार को सर्वसम्मति से रजौली प्रखंड पैक्स अध्यक्ष संघ का नया अध्यक्ष चुन लिया गया है.
15 में से 9 पैक्स अध्यक्ष रहे मौजूद, नए संगठन का हुआ शंखनाद
स्थानीय इनपुट के अनुसार, रजौली प्रखंड क्षेत्र में कुल 15 पैक्स अध्यक्ष हैं, जिनमें से बैठक में 9 अध्यक्षों ने हिस्सा लिया.
- बधाई का तांता: रामाशिष कुमार के नाम पर सहमति बनते ही उपस्थित सभी सदस्यों ने उन्हें फूल-माला पहनाकर बधाई दी.
- अध्यक्ष का संकल्प: नवनिर्वाचित अध्यक्ष रामाशिष कुमार ने सभी पैक्स अध्यक्षों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे संगठन के भरोसे पर पूरी तरह खरा उतरेंगे और प्रखंड के किसानों के हक के लिए हमेशा तत्पर रहेंगे.
धान-गेहूं की सरकारी खरीद को पारदर्शी और मजबूत बनाने पर हुई चर्चा
इस उच्चस्तरीय बैठक में केवल चुनावी औपचारिकता पूरी नहीं की गई, बल्कि किसानों की मूलभूत समस्याओं पर गंभीर मंथन हुआ. संघ ने मुख्य रूप से पैक्सों के माध्यम से सरकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने, धान एवं गेहूं अधिप्राप्ति (सरकारी खरीद) व्यवस्था को पूरी तरह मजबूत बनाने और बिचौलियों को दूर कर किसानों को फसलों का अधिक से अधिक लाभ दिलाने पर रणनीति बनाई. इसके अलावा, सभी पंचायतों के पैक्सों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया.
बैठक में मुख्य रूप से शामिल रहने वाले पैक्स अध्यक्ष
इस महत्वपूर्ण सांगठनिक बैठक में मुख्य रूप से मुरहेना पैक्स अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार, अंधावारी पैक्स अध्यक्ष राजेश कुमार, धमनी पैक्स अध्यक्ष विनय साह, बहादुरपुर पैक्स अध्यक्ष विक्रम कुमार, सवैया टांड़ पंचायत के पैक्स अध्यक्ष रियाजउद्दीन, अमावां पूर्वी पैक्स अध्यक्ष रजनीकांत रवि, रजौली पश्चिमी पैक्स अध्यक्ष अमित सिंह, जोगियामारण पंचायत के पैक्स अध्यक्ष अमरेन्द्र प्रसाद सिंह तथा नगर पंचायत रजौली के पैक्स अध्यक्ष रामानंद सिंह शामिल रहे. नवनिर्वाचित टीम ने संयुक्त रूप से कहा कि अब किसानों की समस्याओं को सीधे सरकार के समक्ष प्राथमिकता से उठाया जाएगा.
