Nawada News(विश्वनाथ कुमार): जिला अंतर्गत धमौल थाना क्षेत्र के तुर्कबन गांव में हुए चर्चित चौकीदार जितेंद्र पासवान हत्याकांड का पुलिस ने लगभग पूरी तरह से खुलासा कर लिया है. पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में तत्परता दिखाते हुए एक और युवक को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन विधि विरुद्ध किशोरों को निरुद्ध (हिरासत में) किया है. इस कांड के मुख्य अभियुक्त गौतम उर्फ रामपत यादव समेत दो अन्य नामजद आरोपियों को पुलिस पहले ही सलाखों के पीछे भेज चुकी है.
पूछताछ में संलिप्तता स्वीकार, मुख्य आरोपी की धमकी के डर से दिया था साथ
मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए धमौल थानाध्यक्ष हिमांशु कुमार ने बताया कि हत्याकांड के वैज्ञानिक और तकनीकी अनुसंधान के दौरान चार अन्य युवकों के नाम प्रकाश में आए थे. इसके बाद पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों को हिरासत में लिया और थाने लाकर कड़ाई से पूछताछ की. पूछताछ के दौरान धमौल बाजार निवासी मनोज पासवान के पुत्र मनोहर पासवान उर्फ नागा और उसके साथ तीन विधि विरुद्ध किशोरों (जिनमें दो धमौल बाजार और एक तुर्कबन गांव का है) ने इस जघन्य हत्याकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली. हिरासत में लिए गए युवकों ने पुलिस के समक्ष एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि मुख्य अभियुक्त रामपत यादव ने उन पर इस हत्याकांड में शामिल होने का भारी दबाव बनाया था. रामपत यादव ने धमकी दी थी कि यदि उन्होंने उसका साथ नहीं दिया, तो वह उन्हें गोली मार देगा. इसी खौफ और जान के डर के कारण वे लोग इस अपराध में शामिल हुए थे.
इलाज के दौरान तोड़ दिया था दम, अब तक कई जा चुके हैं जेल
गौरतलब है कि बीते 10 मई को अपराधियों ने तुर्कबन गांव में कर्तव्यनिष्ठ चौकीदार जितेंद्र पासवान पर चाकू से जानलेवा हमला किया था. पेट में गंभीर रूप से चाकू लगने के कारण उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां जिंदगी और मौत की जंग लड़ते हुए इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया था.
इस जघन्य वारदात के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 6 नामजद और 8 से 10 अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की थी.
बाकी अपराधियों की तलाश जारी, भेजे गए न्यायालय
थानाध्यक्ष हिमांशु कुमार ने बताया कि ताजा कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए युवक मनोहर पासवान उर्फ नागा और तीनों विधि विरुद्ध किशोरों को आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायालय के समक्ष सुपुर्द कर दिया गया है.
इस मामले में पुलिस अब तक मुख्य आरोपी रामपत यादव सहित तीन नामजद अभियुक्तों और एक अप्राथमिकी अभियुक्त को जेल भेज चुकी है, जबकि तीन विधि विरुद्ध किशोरों को निरुद्ध किया गया है. पुलिस इस कांड में शामिल अन्य फरार और अज्ञात आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है.
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