Nawada News:( विश्वनाथ कुमार) नवादा के पकरीबरावां प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों में संदिग्ध डाटा के आधार पर करीब सात हजार राशन कार्डधारियों के नाम सूची से विलोपित कर दिए गए हैं. इस कार्रवाई के बाद लाभुकों के बीच चिंता और भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई है. बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने से जन वितरण प्रणाली की दुकानों और प्रखंड आपूर्ति कार्यालय में जानकारी लेने वालों की भीड़ बढ़ने की संभावना जताई जा रही है.
इन पंचायतों में हुई कार्रवाई
बुधौली, पकरीबरावां उत्तरी, पकरीबरावां दक्षिणी, डुमरावां, एरूरी, थालपोश, धमौल, ढोढ़ा, बेलखुंडा, गुलनी सहित कई पंचायतों के राशन कार्डधारियों के नाम सूची से हटाए गए हैं.
क्यों हटाए गए नाम
आपूर्ति विभाग के अनुसार यह कार्रवाई मृत-1444 एवं इंटर मिनिस्ट्री-2 के अंतर्गत प्राप्त संदिग्ध डाटा के आधार पर की गई है. विभिन्न सरकारी डाटाबेस के मिलान के बाद ऐसे लोगों को सूची से हटाया गया है जो आयकरदाता हैं, जिनके नाम पर वाहन निबंधित है, जिनका जीएसटी टर्नओवर 25 लाख रुपये से अधिक है या जिनकी वार्षिक आय निर्धारित सीमा से ज्यादा पाई गई है. इसके अलावा कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय (एमसीए) के रिकॉर्ड में निदेशक के रूप में दर्ज व्यक्तियों के नाम भी सूची से हटाए गए हैं. वहीं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के ऐसे लाभुक जिनके पास ढाई एकड़ या उससे अधिक भूमि है, उन्हें भी विलोपन की प्रक्रिया में शामिल किया गया है. एसआईआर में मृत घोषित व्यक्तियों के नाम भी सूची से हटाए गए हैं.
दुकानों पर चस्पा होगी सूची
आपूर्ति विभाग ने सभी उचित मूल्य दुकान विक्रेताओं को निर्देश दिया है कि वे नाम विलोपन के कारणों की सूची का प्रिंट निकालकर अपनी दुकानों पर प्रमुखता से चस्पा करें. इससे लाभुकों को सही जानकारी मिल सकेगी और अफवाहों पर रोक लगेगी.
अधिकारियों की अपील
प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी कुमारी अलका ने बताया कि संदिग्ध डाटा के सत्यापन के बाद यह कार्रवाई की गई है. उन्होंने कहा कि यदि किसी पात्र लाभुक का नाम गलती से हट गया है, तो वह संबंधित दस्तावेजों के साथ प्रखंड आपूर्ति कार्यालय में आवेदन देकर अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है. जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
लाभुकों में बढ़ी हलचल
नाम विलोपन की सूचना मिलने के बाद कई लाभुक अपने राशन डीलरों और आपूर्ति कार्यालय से संपर्क कर जानकारी जुटा रहे हैं. विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और पहले अपने नाम हटने के कारण की सही जानकारी प्राप्त करें.
उद्देश्य पारदर्शिता और पात्रता सुनिश्चित करना
विभाग का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल पात्र लाभुकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना और अपात्र लोगों को सूची से बाहर करना है, ताकि व्यवस्था अधिक पारदर्शी और प्रभावी बन सके.
