Nawada News:(अनिल कुमार) नवादा के अकबरपुर में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रखंड के सभी ग्राम पंचायतों में “स्वच्छ गांव, सुरक्षित जलवायु” अभियान के तहत विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया. इस दौरान पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, ठोस एवं प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन, जल संरक्षण और जिम्मेदार सामुदायिक व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया.
फतेहपुर पंचायत में हुई विशेष पहल
फतेहपुर पंचायत में आयोजित ग्राम सभा में मुखिया सुमित्रा देवी ने कचरा पृथक्करण, सिंगल-यूज प्लास्टिक के उपयोग में कमी, जैविक खाद निर्माण और स्थानीय स्तर पर स्वच्छता गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया. साथ ही सार्वजनिक स्थलों और जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने के लिए सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने की अपील की गई.
जागरूकता गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भागीदारी
ग्राम पंचायत की कोऑर्डिनेटर खुशबू कुमारी के नेतृत्व में स्वच्छता अभियान और वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए. इन गतिविधियों में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) से जुड़े कर्मी, स्वयं सहायता समूह, स्वच्छाग्रही, सफाईकर्मी, महिलाएं, युवा, अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदाय के सदस्य तथा स्थानीय संगठनों ने सक्रिय भागीदारी निभाई.
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर विशेष चर्चा
सभा में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली 2026 के तहत कचरा प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी गई. ग्रामीणों को गीला, सूखा, सैनिटरी और विशेष कचरे के पृथक्करण, खुले में कचरा फेंकने और जलाने पर प्रतिबंध, गीले कचरे के स्थानीय प्रसंस्करण तथा उपयोगकर्ता शुल्क जैसे विषयों पर जागरूक किया गया.
वार्ड सदस्यों और मुखिया को स्वच्छता प्रबंधन में लीड फैसिलिटेटर की भूमिका निभाने का निर्देश दिया गया.
स्वच्छ और हरित गांव बनाने का लक्ष्य
इस अभियान के तहत प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन और जल संरक्षण को लेकर व्यवहार में बदलाव लाने पर जोर दिया गया. राज्य सरकार का उद्देश्य ग्राम पंचायतों में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन का रूप देते हुए स्वच्छ, हरित और सतत ग्रामीण विकास को बढ़ावा देना है.
