Nawada News: (कुमार मनीष देव) नवादा वट सावित्री का व्रत हर सुहागिन अपने पति की लंबी उम्र के लिए रखती है. लेकिन रजौली थाना क्षेत्र के सतगीर गांव में शनिवार को वही व्रत एक पत्नी के लिए मातम बन गया.
बिना नमक के खाना खाकर पति इतना नाराज हुआ कि उसने गुस्से में गेहूं में डालने वाली सलफास नामक जहरीली दवाई खा ली. अब अस्पताल के बिस्तर पर उसकी जिंदगी और मौत के बीच जंग चल रही है.
बिना नमक का खाना देखकर भड़क गया पति
जोगियामारण पंचायत के सतगीर गांव निवासी सहदेव प्रसाद के 30 वर्षीय पुत्र पिंटू कुमार ने जहरीला पदार्थ खा लिया. परिजनों ने आनन-फानन में उसे अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया.
ड्यूटी पर तैनात डॉ. सतीश चंद्र सिन्हा ने बताया कि पिंटू की हालत गंभीर है. प्राथमिक इलाज के बाद उसे बेहतर उपचार के लिए नवादा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया है.
पत्नी ने कहा लंबी आयु के लिए रखा था
अस्पताल परिसर में पिंटू की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है. आंसुओं से भीगी आंखों से उसने बताया, शनिवार को पति की लंबी उम्र के लिए वट सावित्री की पूजा की थी.
व्रत में बिना नमक का खाना खाया जाता है. शाम को जब पति घर आए तो खाना मांगा. खाना में नमक नहीं था तो वे गुस्सा हो गए.
घर में रखी गेहूं की बोरी से कीटनाशक निकाल खाया
पति को तड़पते देख पत्नी खुद भी टूट गई. पत्नी ने कहा कि “मैंने तो उनके सौ साल की उम्र मांगी थी भगवान से, और आज वही मौत के मुंह में हैं. पता नहीं मेरा सुहाग बचेगा भी या नहीं” कहते-कहते वह फिर से बिलख पड़ी.
शायद यही कारण बना कि वट सावित्री के दिन सिंदूर बचाने निकली पत्नी को अब अपने सुहाग को बचाने के लिए भगवान से मन्नतें मांगनी पड़ रही हैं.
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