नवादा को मिली बड़ी सौगात, छह करोड़ की लागत से बनेगा नया इलेक्ट्रिकल सबस्टेशन

Nawada Electrical Substation: नवादा जिले के हिसुआ प्रखंड में बिजली की आपूर्ति, ओवरलोडिंग और बार-बार कटौती की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए राहत की खबर है. कुलना पंचायत के नाद गांव में करीब 6 करोड़ रुपये की लागत से एक नया 33/11 केवीए का इलेक्ट्रिकल सबस्टेशन बनने जा रहा है.

Nawada Electrical Substation: नवादा जिले के हिसुआ प्रखंड में बिजली से जुड़ी परेशानियों का जल्द ही समाधान होने वाला है. कुलना पंचायत के नाद गांव में एक नया इलेक्ट्रिकल सबस्टेशन (33/11 केवीए) बनाया जाएगा, जिसकी लागत लगभग 6 करोड़ रुपये होगी. यह सबस्टेशन पुनरुत्थान वितरण क्षेत्र योजना के तहत बनाया जा रहा है. इससे इलाके के लोगों को बार-बार बिजली कटना, ओवरलोडिंग, लो वोल्टेज जैसी समस्याओं से छुटकारा मिलेगा. ऊर्जा मंत्री को इसका प्रस्ताव हिसुआ की विधायक नीतू सिंह ने भेजा था. जमीन की पहचान भी हो चुकी है और प्रशासन ने इसे बिजली विभाग को सौंप दिया है.

हजारों लोगों की परेशानी होगी कम

इस सबस्टेशन के बनने से लगभग 20,000 उपभोक्ताओं को लगातार और बेहतर बिजली मिल सकेगी. अभी तक यह क्षेत्र फतेहपुर और नेमदारगंज फीडरों पर निर्भर है, जिन पर पहले से ही ज्यादा लोड है. ऐसे में नई व्यवस्था से बिजली सप्लाई में सुधार आएगा.

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किसानों के लिए अच्छी खबर

इस सबस्टेशन से कुलना, नाद, कुसुम्हार, पचरुखी, लोदीपुर और बुधुआ जैसे इलाकों को बिजली मिलेगी. इससे किसानों को सिंचाई के लिए अब पर्याप्त बिजली मिल सकेगी, जिससे फसल उत्पादन भी बढ़ेगा. गर्मी के मौसम में बार-बार ट्रांसफॉर्मर फुंकने की जो समस्या होती है, वह भी इस नए सबस्टेशन की वजह से काफी कम हो जाएगी.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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