नवादा से बब्लू कुमार की रिपोर्ट
Nawada Farmers Monsoon Paddy Crisis News: नवादा जिले में मानसून की अनिश्चितता और धीमी रफ्तार ने खरीफ फसलों की तैयारी में जुटे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं. अधिकांश किसानों ने खेतों की जुताई पूरी कर ली है, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं होने से खेतों में नमी का अभाव है, जिसके कारण धान का बिचड़ा तैयार नहीं हो पा रहा है. किसान अब आसमान की ओर टकटकी लगाए अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि समय रहते रोपनी न होने पर खरीफ फसलों के उत्पादन पर गहरा विपरीत असर पड़ने की पूरी आशंका है.
खेती का पूरा चक्र पिछड़ने से महंगाई की मार झेल रहे किसान
जिले के विभिन्न प्रखंडों के किसानों ने बताया कि हर साल इस समय तक धान का बिचड़ा तैयार होकर रोपनी की तैयारी शुरू हो जाती थी, लेकिन इस बार कमजोर मानसून ने पूरी लय बिगाड़ दी है. किसानों का कहना है कि महंगाई के इस दौर में बीज, खाद, डीजल और खेत जुताई पर उन्होंने खर्च तो कर दिया है, लेकिन बारिश न होने से सारी तैयारियां अधूरी पड़ी हैं. केवल धान ही नहीं, बल्कि मक्का और मूंग जैसी अन्य महत्वपूर्ण खरीफ फसलें भी पर्याप्त वर्षा के अभाव में सूख रही हैं, जिससे किसानों को दोहरा नुकसान उठाना पड़ रहा है.
30 जून से बदलने वाला है मौसम, तापमान में आएगी गिरावट
राहत की खबर यह है कि बिहार मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले कुछ दिनों के लिए सकारात्मक संकेत दिए हैं. 30 जून और 1 जुलाई को नवादा के अनेक स्थानों पर अच्छी बारिश होने के आसार हैं. इसके बाद 2 और 3 जुलाई को भी छिटपुट वर्षा होने की संभावना है.
तापमान में भी सुधार देखने को मिलेगा. जहां 29 जून को अधिकतम तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, वहीं 30 जून और 1 जुलाई को अधिकतम तापमान घटकर 34 से 36 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है. इससे लोगों को प्रचंड उमस और गर्मी से काफी राहत मिलेगी.
क्या अल नीनो का असर है इसकी वजह?
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार मानसून की धीमी शुरुआत के पीछे ‘अल नीनो’ (El Nino) का प्रभाव एक प्रमुख कारक हो सकता है. पिछले 25 वर्षों के आंकड़ों पर गौर करें तो अल नीनो के प्रभाव वाले छह वर्षों में से पांच बार सामान्य से कम वर्षा हुई है. हालांकि, विशेषज्ञ किसानों को सलाह देते हैं कि पूरे मानसून को लेकर निराश होने की जरूरत नहीं है.
मौसम विशेषज्ञ रौशन कुमार ने स्पष्ट किया है कि नवादा सहित दक्षिण मध्य बिहार में मानसून की सक्रियता अगले कुछ दिनों में बढ़ने वाली है. उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान पर लगातार नजर रखते हुए अपने कृषि कार्यों की तैयारी जारी रखें. अनुमानित वर्षा होने पर खरीफ की खेती की स्थिति में तेजी से सुधार आना तय है.
