Nawada Cyber Crime: नवादा का वारिसलीगंज थाना क्षेत्र पिछले एक दशक से साइबर अपराधियों का एक बड़ा गढ़ बना हुआ है. यहाँ अब तक की पुलिसिया कार्रवाई में करोड़ों रुपये, जेवरात, अवैध हथियार और शराब बरामद हो चुकी है, लेकिन इसके बाद भी ठगी का यह धंधा रुकने का नाम नहीं ले रहा है. इसी सिलसिले में वारिसलीगंज थाना पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए कोंचगांव पंचायत स्थित द्वायनगर गांव के बधार (नहर से पूरब) में छापेमारी कर ठगी में रंगे हाथों मसरूफ चार शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है.
₹39 हजार कैश और 6 कीमती मोबाइल बरामद, अपराधियों ने कबूला अपना गुनाह
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए अपराधियों की तलाशी लेने पर उनके पास से 39,830 रुपये नकद राशि, 6 कीमती स्मार्टफोन, एक पर्स और साइबर ठगी में इस्तेमाल किए जाने वाले कई अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज व सामान बरामद किए गए हैं.
थानाध्यक्ष ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के मंजौर गांव निवासी विनोद कुमार शर्मा का पुत्र पिंकू शर्मा, अपसढ़ पंचायत के भवानी बिगहा गांव निवासी अरविंद प्रसाद का पुत्र विकास कुमार, बेलदरिया गांव निवासी मनोज कुमार का पुत्र अजय कुमार और फतहा गांव का एक विधि विरुद्ध बालक (नाबालिग) शामिल है.
सादे लिबास में पहुंची पुलिस, अपराधियों को भागने का मौका भी नहीं मिला
वारिसलीगंज थानाध्यक्ष पंकज कुमार सैनी ने बताया कि जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) के विशेष दिशा-निर्देश पर साइबर अपराध के खिलाफ एक विशेष टीम का गठन किया गया था. साथ ही उन्होंने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि द्वायनगर के बधार में कई लड़के बैठकर ऑनलाइन ठगी का नेटवर्क चला रहे हैं. सूचना मिलते ही गठित टीम के पुलिसकर्मी सामान्य कपड़ों (सादे लिबास) में किसान बनकर बधार में दाखिल हुए. अपराधी जब तक पुलिस की मौजूदगी को भांप पाते, तब तक टीम ने उन्हें चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया. हालांकि, इस अफरा-तफरी के दौरान कुछ अन्य अपराधी मौके का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे, जिनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.
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