(नवादा से बब्लू कुमार की रिपोर्ट)
Nawada Cyber Crime : भागलपुर साइबर थाना पुलिस ने 48 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए नवादा जिले के तीन युवकों को गिरफ्तार किया है. आरोपित प्रतिष्ठित मॉल और कोचिंग संस्थानों की फ्रेंचाइजी दिलाने का झांसा देकर लोगों को ठगते थे. पुलिस ने शेखपुरा में छापेमारी कर तीनों को दबोचा है और उनके पास से कई अहम डिजिटल साक्ष्य भी बरामद किए हैं.
फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर 48 लाख की ठगी
जानकारी के अनुसार भागलपुर की एक महिला व्यवसायी को नामी रिटेल ब्रांड ‘जुडियो’ की फ्रेंचाइजी दिलाने का झांसा देकर 48 लाख रुपये की ठगी की गई थी. मामले के सामने आने के बाद साइबर थाना पुलिस ने जांच शुरू की और गिरोह के सदस्यों तक पहुंचने में सफलता हासिल की.
शेखपुरा से गिरफ्तार हुए नवादा के तीन आरोपी
भागलपुर साइबर थाना की टीम ने जमुई और शेखपुरा जिले में छापेमारी अभियान चलाकर तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार युवकों की पहचान रोह थाना क्षेत्र के कुमरावां निवासी आशीष राज, शाहपुर थाना क्षेत्र के लालबीघा निवासी त्रिभुवन भास्कर तथा वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के चकवई निवासी कृष्णकांत के रूप में हुई है. पुलिस ने इनके कब्जे से छह मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं.
बायजूस की फ्रेंचाइजी के नाम पर भी रच रहे थे साजिश
पुलिस पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि गिरोह अब लोगों को देशव्यापी कोचिंग संस्थान ‘बायजूस’ की फ्रेंचाइजी दिलाने का झांसा देकर ठगी की नई योजना बना रहा था. जब्त मोबाइल फोन से कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिनके आधार पर आगे की जांच जारी है.
अब तक सात आरोपी गिरफ्तार अन्य सदस्यों की तलाश जारी
पुलिस सूत्रों के अनुसार इस मामले में अब तक कुल सात आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है. साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है.
एसएसपी के निर्देश पर बनी विशेष टीम ने की कार्रवाई
भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव के निर्देश पर सिटी एसपी शैलेंद्र सिंह की निगरानी तथा साइबर डीएसपी कनिष्क श्रीवास्तव के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने यह कार्रवाई की. अभियान में पुलिस अवर निरीक्षक शिव कुमार सुमन, प्रशांत कुमार, रामकृष्ण, सन्नी कुमार सहित कई पुलिसकर्मी शामिल रहे.
साइबर अपराधियों को कड़ा संदेश
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा. इस कार्रवाई को साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिससे लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है.
